भक्ति की आड़ में चोरी का काला सच! सालों से पुलिस को छका रहा था शातिर महाराज; ट्रैक्टर चोरी का है मास्टरमाइंड
Ratlam Police Arrest Fake Sadhu: विक्रम नाम का यह आरोपी साल 2022 में हुए एक ट्रैक्टर चोरी मामले का मास्टरमाइंड था और पिछले 4-5 सालों से फरार चल रहा था।
- Written By: अमन मौर्या
Ratlam Police Arrest Fake Sadhu Vishnu Maharaj: मध्य प्रदेश के रतलाम में पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है जिसने कानून से बचने के लिए धर्म को ढाल बनाया था। विक्रम नाम का यह आरोपी साल 2022 में हुए एक ट्रैक्टर चोरी मामले का मास्टरमाइंड था और पिछले 4-5 सालों से फरार चल रहा था। खुद को पुलिस की नजरों से बचाने के लिए विक्रम ने भगवा चोला ओढ़ लिया और ‘विष्णु महाराज’ बनकर अलग-अलग मंदिरों में रहने लगा। साधु के भेष में वह लोगों के बीच इस तरह घुल-मिल गया कि लंबे समय तक पुलिस की पहुंच से दूर रहा। रतलाम पुलिस और साइबर सेल की विशेष टीम ने मुखबिर की सूचना पर इंदौर के एक मंदिर में दबिश देकर इस ‘पाखंडी महाराज’ को धर दबोचा। एसपी विवेक कुमार के अनुसार, आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए ही साधु का रूप धारण किया था। फिलहाल पुलिस आरोपी से सख्ती से पूछताछ कर रही है ताकि उसके गिरोह के अन्य सदस्यों और अन्य चोरी की वारदातों का खुलासा हो सके। यह गिरफ्तारी साबित करती है कि अपराधी चाहे कितना भी भेष बदल ले, कानून के हाथ लंबे होते हैं।
Ratlam Police Arrest Fake Sadhu Vishnu Maharaj: मध्य प्रदेश के रतलाम में पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है जिसने कानून से बचने के लिए धर्म को ढाल बनाया था। विक्रम नाम का यह आरोपी साल 2022 में हुए एक ट्रैक्टर चोरी मामले का मास्टरमाइंड था और पिछले 4-5 सालों से फरार चल रहा था। खुद को पुलिस की नजरों से बचाने के लिए विक्रम ने भगवा चोला ओढ़ लिया और ‘विष्णु महाराज’ बनकर अलग-अलग मंदिरों में रहने लगा। साधु के भेष में वह लोगों के बीच इस तरह घुल-मिल गया कि लंबे समय तक पुलिस की पहुंच से दूर रहा। रतलाम पुलिस और साइबर सेल की विशेष टीम ने मुखबिर की सूचना पर इंदौर के एक मंदिर में दबिश देकर इस ‘पाखंडी महाराज’ को धर दबोचा। एसपी विवेक कुमार के अनुसार, आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए ही साधु का रूप धारण किया था। फिलहाल पुलिस आरोपी से सख्ती से पूछताछ कर रही है ताकि उसके गिरोह के अन्य सदस्यों और अन्य चोरी की वारदातों का खुलासा हो सके। यह गिरफ्तारी साबित करती है कि अपराधी चाहे कितना भी भेष बदल ले, कानून के हाथ लंबे होते हैं।
