महाकुंभ 2025 की सबसे दुर्लभ तस्वीर…7 करोड़ 51 लाख रुद्राक्ष से बने 12 ज्योतिर्लिंग, यहां देखिए वीडियो
महाकुंभ में 11 हजार त्रिशूलों के बीच 7 करोड़ 51 लाख रुद्राक्ष की मालाओं से बने 12 ज्योतिर्लिंग लाखों श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बने हैं। संगम में डुबकी लगाकर पुण्य कमाने आए श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजन के लिए...
- Written By: अभिषेक सिंह
नवभारत डेस्क: देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु संगम नगरी पहुंच रहे हैं। दुनिया के इस सबसे बड़े धार्मिक मेले में आए श्रद्धालु शिव की अनूठी भक्ति और आराधना में लीन हैं। गंगा, यमुना और सरस्वती के इस अनूठे संगम पर शिव भक्ति के अनेक रूप देखने को मिलते हैं। इसी कड़ी में महाकुंभ में 11 हजार त्रिशूलों के बीच 7 करोड़ 51 लाख रुद्राक्ष की मालाओं से बने 12 ज्योतिर्लिंग लाखों श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बने हैं। संगम में डुबकी लगाकर पुण्य कमाने आए श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजन के लिए घंटों लाइन में खड़े हैं। महाकुंभ के सेक्टर 6 में बने इस धाम में हर ज्योतिर्लिंग 11 फीट ऊंचा, 9 फीट चौड़ा और 7 फीट मोटा है। इन सभी ज्योतिर्लिंगों पर 7 करोड़ 51 लाख रुद्राक्ष की माला लिपटी हुई है इनमें एक मुखी से लेकर 26 मुखी तक के सफेद, काले और लाल रंग के रुद्राक्षों का इस्तेमाल किया गया है। छह शिवलिंग दक्षिण मुखी और छह उत्तर मुखी हैं। इन सभी ज्योतिर्लिंगों की स्थापना के पीछे का उद्देश्य “आतंकवाद को खत्म करना, भारत को महान बनाना, बांग्लादेशी हिंदुओं की रक्षा की कामना और गोरक्षा जैसी अवधारणाओं को साकार करना” है। इसके लिए श्री योगी मौनी स्वामी अपने शिविर में हर शाम 6 बजे एक अनूठी पूजा में लीन रहते हैं। महाशिवरात्रि तक 1.25 करोड़ दीप जलाने और 1.25 करोड़ प्रसाद चढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
नवभारत डेस्क: देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु संगम नगरी पहुंच रहे हैं। दुनिया के इस सबसे बड़े धार्मिक मेले में आए श्रद्धालु शिव की अनूठी भक्ति और आराधना में लीन हैं। गंगा, यमुना और सरस्वती के इस अनूठे संगम पर शिव भक्ति के अनेक रूप देखने को मिलते हैं। इसी कड़ी में महाकुंभ में 11 हजार त्रिशूलों के बीच 7 करोड़ 51 लाख रुद्राक्ष की मालाओं से बने 12 ज्योतिर्लिंग लाखों श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बने हैं। संगम में डुबकी लगाकर पुण्य कमाने आए श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजन के लिए घंटों लाइन में खड़े हैं। महाकुंभ के सेक्टर 6 में बने इस धाम में हर ज्योतिर्लिंग 11 फीट ऊंचा, 9 फीट चौड़ा और 7 फीट मोटा है। इन सभी ज्योतिर्लिंगों पर 7 करोड़ 51 लाख रुद्राक्ष की माला लिपटी हुई है इनमें एक मुखी से लेकर 26 मुखी तक के सफेद, काले और लाल रंग के रुद्राक्षों का इस्तेमाल किया गया है। छह शिवलिंग दक्षिण मुखी और छह उत्तर मुखी हैं। इन सभी ज्योतिर्लिंगों की स्थापना के पीछे का उद्देश्य “आतंकवाद को खत्म करना, भारत को महान बनाना, बांग्लादेशी हिंदुओं की रक्षा की कामना और गोरक्षा जैसी अवधारणाओं को साकार करना” है। इसके लिए श्री योगी मौनी स्वामी अपने शिविर में हर शाम 6 बजे एक अनूठी पूजा में लीन रहते हैं। महाशिवरात्रि तक 1.25 करोड़ दीप जलाने और 1.25 करोड़ प्रसाद चढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
