बाबा महाकाल की नगरी में कुछ ऐसे मना रक्षाबंधन, सोमवार के साथ शुरू और खत्म हुआ श्रावण मास
रक्षाबंधन का त्योहार पूरे देश में मनाया जा रहा है। इस दिन सारी बहने अपने भाई से अपनी रक्षा की मांग करती है और धन्यवाद भी करती हैं। ऐसे में महिलाएं बाबा महाकाल को राखी बांध कर अपनी रखा की विनती की है। इस मौके पर सवा लाख लड्डुओं का भोग चढ़ाया गया है।
- Written By: शानू शर्मा
पूरे देश में आज रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। इसी के साथ आज श्रावण मास का अंतिम सोमवार भी है। इस मौके पर लोग धूमधाम से बाबा महाकाल की पूजा कर रहे हैं। उज्जैन में रात 2:30 बजे से भक्तों के तांता लगना शुरू हो गया। आज हजारों श्रद्धालु भस्म आरती में पहुंचे। जहां भस्म आरती के दौरान बाबा को राखी बांधा गया। इस वैदिक राखी को पिछले पांच दिनों से बनाया जा रहा था। जिसमें तुलसी के पत्ते, लौंग, इलायची, काली मिर्च समेत अन्य कई चीजों का मिश्रण है। वहीं परंपरार के मुताबिक इस बार भी विशेष पूजा अर्चना में सवा लाख लड्डुओं का भोग लगाया गया है। यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है। भगवान को भोग अर्पित करने के बाद लोगों को प्रसाद भी बांटा जाता है। इस बार का श्रावण मास का खास संयोग देखने को मिला। इस श्रावण मास में पांच सोमवार आएं। जो कि एक खास बात है। इससे भी ज्यादा खास बात यह है कि इस महीने की शुरुआत सोमवार से हुई और अंत भी सोमवार से हुआ। जो कि बेहद खास संयोग हैं। आज रक्षाबंधन के त्योहार के साथ श्रावण मास भी खत्म हो जाएगा। जिसके बाद श्रद्धालु एक बार फिर से इस महीने का इंतजार करेंगे।
पूरे देश में आज रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। इसी के साथ आज श्रावण मास का अंतिम सोमवार भी है। इस मौके पर लोग धूमधाम से बाबा महाकाल की पूजा कर रहे हैं। उज्जैन में रात 2:30 बजे से भक्तों के तांता लगना शुरू हो गया। आज हजारों श्रद्धालु भस्म आरती में पहुंचे। जहां भस्म आरती के दौरान बाबा को राखी बांधा गया। इस वैदिक राखी को पिछले पांच दिनों से बनाया जा रहा था। जिसमें तुलसी के पत्ते, लौंग, इलायची, काली मिर्च समेत अन्य कई चीजों का मिश्रण है। वहीं परंपरार के मुताबिक इस बार भी विशेष पूजा अर्चना में सवा लाख लड्डुओं का भोग लगाया गया है। यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है। भगवान को भोग अर्पित करने के बाद लोगों को प्रसाद भी बांटा जाता है। इस बार का श्रावण मास का खास संयोग देखने को मिला। इस श्रावण मास में पांच सोमवार आएं। जो कि एक खास बात है। इससे भी ज्यादा खास बात यह है कि इस महीने की शुरुआत सोमवार से हुई और अंत भी सोमवार से हुआ। जो कि बेहद खास संयोग हैं। आज रक्षाबंधन के त्योहार के साथ श्रावण मास भी खत्म हो जाएगा। जिसके बाद श्रद्धालु एक बार फिर से इस महीने का इंतजार करेंगे।
