‘DAP संकट और बिजली निजीकरण से किसान परेशान, सरकार का प्लान किसान विरोधी’, MSP पर राकेश टिकैत का बयान
Rakesh Tikait On MSP: किसान नेता राकेश टिकैत ने जोर देकर कहा कि धान की फसलों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए, डीएपी का मुद्दा अहम है और बिजली का निजीकरण नहीं किया जाना चाहिए।
- Written By: सौरभ शर्मा
किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान अब जरूरी है। उन्होंने धान और गन्ने की फसलों के उचित दाम, एमएसपी गारंटी कानून और समय पर खरीद केंद्र खोलने की मांग की। टिकैत ने चेतावनी दी कि डीएपी की कमी और बिजली के निजीकरण से किसानों की हालत बिगड़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के नाम पर भूमि अधिग्रहण कर रही है और 2013 के पुराने कानून के तहत कम मुआवजा दे रही है। टिकैत ने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियां पूंजीपतियों के हित में हैं और ईमानदार किसान इससे नुकसान में हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसान एकजुट रहे तो सरकार को झुकना पड़ेगा।
किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान अब जरूरी है। उन्होंने धान और गन्ने की फसलों के उचित दाम, एमएसपी गारंटी कानून और समय पर खरीद केंद्र खोलने की मांग की। टिकैत ने चेतावनी दी कि डीएपी की कमी और बिजली के निजीकरण से किसानों की हालत बिगड़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के नाम पर भूमि अधिग्रहण कर रही है और 2013 के पुराने कानून के तहत कम मुआवजा दे रही है। टिकैत ने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियां पूंजीपतियों के हित में हैं और ईमानदार किसान इससे नुकसान में हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसान एकजुट रहे तो सरकार को झुकना पड़ेगा।
