राजा भैया-भानवी सिंह विवाद: पत्नी भानवी ने ऑन कैमरा बयां किया घरेलू हिंसा और जालसाजी का दर्द, देखें वीडियो
Raja Bhaiya Divorce Case: राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच जारी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने अधिकार क्षेत्र पर फैसला सुनाया है। भानवी ने पति पर घरेलू हिंसा, संपत्ति हड़पने और गंभीर आरोप लगाए।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Raja Bhaiya Wife Bhanvi Singh Case: कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह का पारिवारिक कलह अब कानूनी जंग में तब्दील हो चुका है। भानवी सिंह ने घरेलू हिंसा से लेकर संपत्ति की जालसाजी तक के गंभीर आरोप लगाते हुए अपने संघर्ष की कहानी साझा की है।
भानवी सिंह ने बताया कि एक पारंपरिक ढांचे में ढलने के बाद उन्हें गंभीर घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ऊपर बेटों को जन्म देने का भारी दबाव बनाया गया क्योंकि उनसे कहा गया था कि लड़कियों से वंश नहीं चलता। इसी दबाव के चलते उन्होंने मुंबई जाकर अपना इलाज कराया और दो बेटों को जन्म दिया ताकि परिवार का वंश आगे बढ़ सके। हालांकि, इसके बावजूद उन्हें शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। भानवी के अनुसार, हिंसा इतनी गंभीर थी कि उन्हें अस्पताल तक में भर्ती नहीं होने दिया गया और समाज में बदनामी के डर से बिना इलाज कराए घर वापस बुला लिया गया।
संपत्ति की जालसाजी और ‘बाहरी औरतों’ का प्रवेश
भानवी सिंह ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि उनके घर में बाहरी औरतों का आना-जाना शुरू हो गया था, जिसका विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके जाली दस्तखत (Forgeries) किए गए और उनकी संपत्ति को ड्राइवरों, रसोइयों, नौकरों और यहाँ तक कि अज्ञात लोगों के नाम कर दिया गया ताकि उनके पास कुछ न बचे। भानवी का कहना है कि उनके पति दूसरी शादी करना चाहते हैं और इसी वजह से उन्होंने तलाक (Divorce) फाइल किया है। इस स्थिति से उनकी सास भी परेशान हैं और उन्हें भी इस उम्र में अपना घर छोड़कर जाना पड़ा क्योंकि घर में दूसरी औरत का रहना उन्हें पसंद नहीं है।
Raja Bhaiya Wife Bhanvi Singh Case: कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह का पारिवारिक कलह अब कानूनी जंग में तब्दील हो चुका है। भानवी सिंह ने घरेलू हिंसा से लेकर संपत्ति की जालसाजी तक के गंभीर आरोप लगाते हुए अपने संघर्ष की कहानी साझा की है।
भानवी सिंह ने बताया कि एक पारंपरिक ढांचे में ढलने के बाद उन्हें गंभीर घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ऊपर बेटों को जन्म देने का भारी दबाव बनाया गया क्योंकि उनसे कहा गया था कि लड़कियों से वंश नहीं चलता। इसी दबाव के चलते उन्होंने मुंबई जाकर अपना इलाज कराया और दो बेटों को जन्म दिया ताकि परिवार का वंश आगे बढ़ सके। हालांकि, इसके बावजूद उन्हें शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। भानवी के अनुसार, हिंसा इतनी गंभीर थी कि उन्हें अस्पताल तक में भर्ती नहीं होने दिया गया और समाज में बदनामी के डर से बिना इलाज कराए घर वापस बुला लिया गया।
संपत्ति की जालसाजी और ‘बाहरी औरतों’ का प्रवेश
भानवी सिंह ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि उनके घर में बाहरी औरतों का आना-जाना शुरू हो गया था, जिसका विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके जाली दस्तखत (Forgeries) किए गए और उनकी संपत्ति को ड्राइवरों, रसोइयों, नौकरों और यहाँ तक कि अज्ञात लोगों के नाम कर दिया गया ताकि उनके पास कुछ न बचे। भानवी का कहना है कि उनके पति दूसरी शादी करना चाहते हैं और इसी वजह से उन्होंने तलाक (Divorce) फाइल किया है। इस स्थिति से उनकी सास भी परेशान हैं और उन्हें भी इस उम्र में अपना घर छोड़कर जाना पड़ा क्योंकि घर में दूसरी औरत का रहना उन्हें पसंद नहीं है।
