AAP में छिड़ा गृहयुद्ध! आतिशी ने राघव चड्ढा को घेरा, बोलीं- क्या आप मोदी से डरकर लंदन भाग गए थे- VIDEO
Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी के भीतर मचे सियासी घमासान के बीच राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा अपनी ही पार्टी के निशाने पर आ गए हैं। पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने अब गंभीर आरोप लगाया है।
- Written By: मनोज आर्या
Atishi Allegations On Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी के भीतर मचे सियासी घमासान के बीच राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा अपनी ही पार्टी के निशाने पर आ गए हैं। पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने राघव चड्ढा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी से डरने का दावा किया है। आतिशी ने सवाल उठाया कि जब अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई और पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर लाठियां खा रहे थे, तब राघव चड्ढा अपनी आंख के ऑपरेशन का बहाना बनाकर लंदन क्यों चले गए? उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र पर कथित हमले और एलपीजी सिलेंडर की कीमतों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में चुप्पी साधे रखी। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि जब विपक्ष इलेक्शन कमीशन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया, तब भी चड्ढा ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इन तीखे हमलों के बाद राजनीतिक गलियारों में राघव चड्ढा के भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं, जिसे ‘आप’ के भीतर एक बड़े गृहयुद्ध के रूप में देखा जा रहा है।
Atishi Allegations On Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी के भीतर मचे सियासी घमासान के बीच राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा अपनी ही पार्टी के निशाने पर आ गए हैं। पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने राघव चड्ढा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी से डरने का दावा किया है। आतिशी ने सवाल उठाया कि जब अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई और पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर लाठियां खा रहे थे, तब राघव चड्ढा अपनी आंख के ऑपरेशन का बहाना बनाकर लंदन क्यों चले गए? उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र पर कथित हमले और एलपीजी सिलेंडर की कीमतों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में चुप्पी साधे रखी। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि जब विपक्ष इलेक्शन कमीशन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया, तब भी चड्ढा ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इन तीखे हमलों के बाद राजनीतिक गलियारों में राघव चड्ढा के भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं, जिसे ‘आप’ के भीतर एक बड़े गृहयुद्ध के रूप में देखा जा रहा है।
