‘युवा परेशान हैं…’ प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप-VIDEO
Priyanka Gandhi Vadra Statement: संसद के बाहर प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर पेपर लीक, बेरोजगारी और युवाओं की अनदेखी का आरोप लगाया। जानिए उन्होंने क्या-क्या कहा।
- Written By: वंदना शर्मा
Priyanka Gandhi slams modi government: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा संसद परिसर के बाहर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधती नजर आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं से जुड़े अहम मुद्दों, खासकर पेपर लीक और रोजगार की कमी, को गंभीरता से नहीं ले रही है।
प्रियंका गांधी का कहना है कि आज देश का युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब युवा, किसान या अन्य वर्ग अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाते हैं, तो उनके साथ लाठीचार्ज और आंसू गैस जैसी कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता की बात सुनना सरकार की जिम्मेदारी होती है, लेकिन मौजूदा सरकार लोगों की आवाज सुनने के बजाय विरोध को दबाने का प्रयास कर रही है।
इस दौरान प्रियंका गांधी ने मंत्रियों की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने 1980 के दशक का उदाहरण देते हुए कहा कि एक रेल दुर्घटना के बाद तत्कालीन रेल मंत्री ने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा दे दिया था। उनके अनुसार, यदि किसी विभाग में बड़ी विफलता होती है तो संबंधित मंत्री को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष को महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है और सरकार बहस से बच रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाना समय की मांग है।
हालांकि, सरकार ने इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी है, यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा। देश और राजनीति से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। अगर आपको यह वीडियो पसंद आया हो तो इसे लाइक करें, शेयर करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।
Priyanka Gandhi slams modi government: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा संसद परिसर के बाहर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधती नजर आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं से जुड़े अहम मुद्दों, खासकर पेपर लीक और रोजगार की कमी, को गंभीरता से नहीं ले रही है।
प्रियंका गांधी का कहना है कि आज देश का युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब युवा, किसान या अन्य वर्ग अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाते हैं, तो उनके साथ लाठीचार्ज और आंसू गैस जैसी कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता की बात सुनना सरकार की जिम्मेदारी होती है, लेकिन मौजूदा सरकार लोगों की आवाज सुनने के बजाय विरोध को दबाने का प्रयास कर रही है।
इस दौरान प्रियंका गांधी ने मंत्रियों की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने 1980 के दशक का उदाहरण देते हुए कहा कि एक रेल दुर्घटना के बाद तत्कालीन रेल मंत्री ने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा दे दिया था। उनके अनुसार, यदि किसी विभाग में बड़ी विफलता होती है तो संबंधित मंत्री को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष को महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है और सरकार बहस से बच रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाना समय की मांग है।
हालांकि, सरकार ने इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी है, यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा। देश और राजनीति से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। अगर आपको यह वीडियो पसंद आया हो तो इसे लाइक करें, शेयर करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।
