Samajwadi Party MP Priya Saroj In Lok Sabha: संसद में बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने सरकार के ‘अमृतकाल’ के दावे को ‘कर्ज काल’ बताते हुए कहा कि आज देश का 26% बजट केवल पुराने कर्ज का ब्याज चुकाने में चला जा रहा है। प्रिया सरोज ने आरोप लगाया कि ऊपर से बजट भले ही चमक रहा हो, लेकिन आम आदमी का बटुआ फट रहा है और मध्यम वर्ग ईएमआई भरते-भरते थक चुका है। उन्होंने डेटा का हवाला देते हुए कहा कि 2019 में कॉर्पोरेट टैक्स घटाने से बड़ी कंपनियों को तो राहत मिली, लेकिन इसका बोझ आम जनता, किसानों और नौकरीपेशा लोगों की जेब पर डाला गया। अपने भाषण में उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ को महज ‘असेंबली’ करार देते हुए कहा कि 100 रुपये के फोन में 85 रुपये का सामान आज भी चीन से आता है। साथ ही, उन्होंने विदेश नीति और आत्मनिर्भरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत को तेल खरीदने के लिए दूसरे देशों की ‘अनुमति’ (Allow) लेनी पड़ रही है, जो देश की संप्रभुता पर चोट है। उत्तर प्रदेश की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन’ की सरकार होने के बावजूद वहां की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से कम है।
Samajwadi Party MP Priya Saroj In Lok Sabha: संसद में बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने सरकार के ‘अमृतकाल’ के दावे को ‘कर्ज काल’ बताते हुए कहा कि आज देश का 26% बजट केवल पुराने कर्ज का ब्याज चुकाने में चला जा रहा है। प्रिया सरोज ने आरोप लगाया कि ऊपर से बजट भले ही चमक रहा हो, लेकिन आम आदमी का बटुआ फट रहा है और मध्यम वर्ग ईएमआई भरते-भरते थक चुका है। उन्होंने डेटा का हवाला देते हुए कहा कि 2019 में कॉर्पोरेट टैक्स घटाने से बड़ी कंपनियों को तो राहत मिली, लेकिन इसका बोझ आम जनता, किसानों और नौकरीपेशा लोगों की जेब पर डाला गया। अपने भाषण में उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ को महज ‘असेंबली’ करार देते हुए कहा कि 100 रुपये के फोन में 85 रुपये का सामान आज भी चीन से आता है। साथ ही, उन्होंने विदेश नीति और आत्मनिर्भरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत को तेल खरीदने के लिए दूसरे देशों की ‘अनुमति’ (Allow) लेनी पड़ रही है, जो देश की संप्रभुता पर चोट है। उत्तर प्रदेश की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन’ की सरकार होने के बावजूद वहां की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से कम है।