अगर हमें सुरक्षा नहीं मिली तो… UP के वकीलों का फूटा गुस्सा, प्रयागराज में निकाला जुलूस; देखें VIDEO
Prayagraj Advocate Mashal Julus: प्रयागराज में वकीलों ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग को लेकर मशाल जुलूस निकाला है। वकीलों ने सरकार को उग्र आंदोलन की चेतावनी है।
- Written By: अमन मौर्या
UP Advocate Protection Act Demand: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कल देर शाम सैकड़ों अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर एक विशाल मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के ऐतिहासिक पत्थर गिरजाघर से शुरू होकर सुभाष चौराहे तक पहुंचा, जिसमें सीनियर वकीलों से लेकर युवा अधिवक्ताओं ने भारी संख्या में भाग लिया। इस दौरान पूरी सड़कें एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करो और वकील एकता जिंदाबाद के नारों से गूंज उठीं। वकीलों का कहना है कि आए दिन उन पर जानलेवा हमले हो रहे हैं, माफियाओं द्वारा धमकियां मिल रही हैं और फर्जी एफआईआर दर्ज की जा रही हैं, जिससे वे सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द ही ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ लागू नहीं करती, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा तथा अगली मशाल यात्रा लखनऊ में निकाली जाएगी। वकीलों ने मांग की है कि ड्यूटी के दौरान उन पर हमला करने वालों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज हो और मामलों की जांच के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए।
UP Advocate Protection Act Demand: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कल देर शाम सैकड़ों अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर एक विशाल मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के ऐतिहासिक पत्थर गिरजाघर से शुरू होकर सुभाष चौराहे तक पहुंचा, जिसमें सीनियर वकीलों से लेकर युवा अधिवक्ताओं ने भारी संख्या में भाग लिया। इस दौरान पूरी सड़कें एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करो और वकील एकता जिंदाबाद के नारों से गूंज उठीं। वकीलों का कहना है कि आए दिन उन पर जानलेवा हमले हो रहे हैं, माफियाओं द्वारा धमकियां मिल रही हैं और फर्जी एफआईआर दर्ज की जा रही हैं, जिससे वे सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द ही ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ लागू नहीं करती, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा तथा अगली मशाल यात्रा लखनऊ में निकाली जाएगी। वकीलों ने मांग की है कि ड्यूटी के दौरान उन पर हमला करने वालों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज हो और मामलों की जांच के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए।
