‘बच्चा गायब था, पुलिस सोती रही’—पीड़ित परिवार से मिलकर प्रशांत किशोर का बड़ा हमला-VIDEO
Banti Yadav Murder Case: बंटी यादव के परिवार से मिले प्रशांत किशोर ने बिहार में बढ़ते अपराध और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय की मांग की।
- Written By: वंदना शर्मा
Prashant Kishor Banti Yadav Bihar Crime: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर बंटी यादव के परिवार से मिलकर बिहार में बढ़ती अपराध की घटनाओं और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार कर रहे हैं। प्रशांत किशोर बताते हैं कि लगभग चार-पांच दिन पहले जब बंटी यादव का बच्चा लापता हुआ था, तब परिवार ने सड़क पर प्रदर्शन किया था। तब प्रशांत किशोर ने उनसे प्रदर्शन समाप्त करने का आग्रह किया था, क्योंकि पुलिस ने दो दिनों के भीतर बच्चे को ढूंढने का आश्वासन दिया था। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार कोतवाली थाना के चक्कर काटता रहा, लेकिन पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की और न ही उनके साथ उचित व्यवहार किया। बाद में बच्चे का शव बालू में दबा हुआ मिला। परिवार का आरोप है कि बच्चे का अपहरण कर उसकी हत्या की गई है।
1. दोषी व्यक्तियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
2. जो पुलिस अधिकारी इस मामले में लापरवाही के दोषी हैं, उन्हें निलंबित किया जाए।
3. पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से उचित मुआवजा मिले।
परिवार का कहना है कि उन्होंने जो नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी, उनमें से अभी भी तीन आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। प्रशांत किशोर ने यह स्पष्ट किया कि केवल पैसा देकर या मामलों को दबाकर इंसाफ नहीं मिलता; सरकार को अपराध पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस के रवैये को सुधारना होगा। इस वीडियो को पूरा देखे…
Prashant Kishor Banti Yadav Bihar Crime: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर बंटी यादव के परिवार से मिलकर बिहार में बढ़ती अपराध की घटनाओं और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार कर रहे हैं। प्रशांत किशोर बताते हैं कि लगभग चार-पांच दिन पहले जब बंटी यादव का बच्चा लापता हुआ था, तब परिवार ने सड़क पर प्रदर्शन किया था। तब प्रशांत किशोर ने उनसे प्रदर्शन समाप्त करने का आग्रह किया था, क्योंकि पुलिस ने दो दिनों के भीतर बच्चे को ढूंढने का आश्वासन दिया था। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार कोतवाली थाना के चक्कर काटता रहा, लेकिन पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की और न ही उनके साथ उचित व्यवहार किया। बाद में बच्चे का शव बालू में दबा हुआ मिला। परिवार का आरोप है कि बच्चे का अपहरण कर उसकी हत्या की गई है।
1. दोषी व्यक्तियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
2. जो पुलिस अधिकारी इस मामले में लापरवाही के दोषी हैं, उन्हें निलंबित किया जाए।
3. पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से उचित मुआवजा मिले।
परिवार का कहना है कि उन्होंने जो नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी, उनमें से अभी भी तीन आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। प्रशांत किशोर ने यह स्पष्ट किया कि केवल पैसा देकर या मामलों को दबाकर इंसाफ नहीं मिलता; सरकार को अपराध पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस के रवैये को सुधारना होगा। इस वीडियो को पूरा देखे…
