PM मोदी-जिनपिंग की मुलाकात की 5 अहम बातें: बॉर्डर शांति से लेकर 75वीं वर्षगांठ तक हुई चर्चा
तिआनजिन में SCO समिट के दौरान PM मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात ने भारत-चीन संबंधों में नई उम्मीदें जगाईं हैं। गलवान झड़प के बाद पहली बार हुई बैठक के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
- Written By: सौरभ शर्मा
SCO समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तिआनजिन में लगभग 40 मिनट लंबी मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने सात साल बाद द्विपक्षीय बातचीत की और पांच अहम मुद्दों पर सहमति बनी। इनमें सीमा प्रबंधन पर समझौता, सैनिकों की वापसी के बाद शांति का माहौल, कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली, भारत-चीन के बीच सीधी उड़ानों की शुरुआत और कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर सहयोग शामिल है। मोदी ने आपसी विश्वास पर आधारित रिश्तों पर जोर दिया, जबकि जिनपिंग ने बहुपक्षीय सहयोग और एशिया में शांति के लिए साझेदारी की आवश्यकता बताई।
SCO समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तिआनजिन में लगभग 40 मिनट लंबी मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने सात साल बाद द्विपक्षीय बातचीत की और पांच अहम मुद्दों पर सहमति बनी। इनमें सीमा प्रबंधन पर समझौता, सैनिकों की वापसी के बाद शांति का माहौल, कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली, भारत-चीन के बीच सीधी उड़ानों की शुरुआत और कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर सहयोग शामिल है। मोदी ने आपसी विश्वास पर आधारित रिश्तों पर जोर दिया, जबकि जिनपिंग ने बहुपक्षीय सहयोग और एशिया में शांति के लिए साझेदारी की आवश्यकता बताई।
