मानसून सत्र से पहले पीएम मोदी का बड़ा संदेश, बोले- तर्क और तथ्य हों, तूफान नहीं- VIDEO
Narendra Modi Parliament Speech: संसद के मानसून सत्र से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत की 7.7% विकास दर, अंतरिक्ष उपलब्धियों और विकास परियोजनाओं का जिक्र करते हुए सकारात्मक बहस की अपील की।
- Written By: वंदना शर्मा
PM Narendra Modi Monsoon Session: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले अपने संबोधन में इसे ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि जैसे मानसून और मानसून सत्र दोनों का ‘प्रोएक्टिव’ होना देश के कल्याण के लिए ‘प्रोडक्टिव’ होता है, वैसे ही यह सत्र भी देश के लिए फलदायी होना चाहिए।
पिछले एक महीने में भारत ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सिद्धियां हासिल की हैं। विशेष रूप से अंतरिक्ष क्षेत्र में युवाओं द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना भी की है। इसके अलावा पीएम ने राजस्थान में ऑयल रिफाइनरी, सेमीकंडक्टर प्लांट और ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन जैसी आधुनिक सुविधाओं का उल्लेख करते हुए इसे भारत के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और श्रमिकों के कठिन परिश्रम का परिणाम बताया है।
आपको बता दें कि दुनिया भर में युद्ध और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, भारत ने 7.7% की विकास दर के साथ दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से आगे बढ़कर अपना सामर्थ्य सिद्ध किया है। प्रधानमंत्री ने सभी दलों के सांसदों से सकारात्मक रुख अपनाने और संसद की कार्यवाही को सार्थक चर्चा के माध्यम से सुचारू रूप से चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जहां तर्क और तथ्य होते हैं, वहां पर तूफान के लिए कोई जगह नहीं होती है। इस वीडियो को पूरा देखें…
PM Narendra Modi Monsoon Session: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले अपने संबोधन में इसे ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि जैसे मानसून और मानसून सत्र दोनों का ‘प्रोएक्टिव’ होना देश के कल्याण के लिए ‘प्रोडक्टिव’ होता है, वैसे ही यह सत्र भी देश के लिए फलदायी होना चाहिए।
पिछले एक महीने में भारत ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सिद्धियां हासिल की हैं। विशेष रूप से अंतरिक्ष क्षेत्र में युवाओं द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना भी की है। इसके अलावा पीएम ने राजस्थान में ऑयल रिफाइनरी, सेमीकंडक्टर प्लांट और ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन जैसी आधुनिक सुविधाओं का उल्लेख करते हुए इसे भारत के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और श्रमिकों के कठिन परिश्रम का परिणाम बताया है।
आपको बता दें कि दुनिया भर में युद्ध और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, भारत ने 7.7% की विकास दर के साथ दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से आगे बढ़कर अपना सामर्थ्य सिद्ध किया है। प्रधानमंत्री ने सभी दलों के सांसदों से सकारात्मक रुख अपनाने और संसद की कार्यवाही को सार्थक चर्चा के माध्यम से सुचारू रूप से चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जहां तर्क और तथ्य होते हैं, वहां पर तूफान के लिए कोई जगह नहीं होती है। इस वीडियो को पूरा देखें…
