PM Modi talks to Iran President: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से टेलीफोन पर बातचीत कर वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य ईरान-इजराइल और ईरान-यूएस के बीच बढ़ते तनाव को कम करना और क्षेत्र में शांति स्थापित करना था। पीएम मोदी ने ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में जहाजों के निर्बाध आवागमन की सुरक्षा पर जोर दिया, क्योंकि यह मार्ग भारत की ऊर्जा सुरक्षा और तेल-गैस की आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मसूद को ‘नवरोज़’ (फारसी नया साल) और ईद की बधाई भी दी। एनडीए और विपक्षी नेताओं ने इस कूटनीतिक पहल का स्वागत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में उछाल को रोकने और भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाने के लिए यह संवाद जरूरी था। ईरान के राष्ट्रपति ने भी भारत के साथ संबंधों को गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई और युद्ध विराम की दिशा में सहयोग का आश्वासन दिया। यह बातचीत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की ‘शांति दूत’ की भूमिका को और मजबूत करती है।
PM Modi talks to Iran President: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से टेलीफोन पर बातचीत कर वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य ईरान-इजराइल और ईरान-यूएस के बीच बढ़ते तनाव को कम करना और क्षेत्र में शांति स्थापित करना था। पीएम मोदी ने ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में जहाजों के निर्बाध आवागमन की सुरक्षा पर जोर दिया, क्योंकि यह मार्ग भारत की ऊर्जा सुरक्षा और तेल-गैस की आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मसूद को ‘नवरोज़’ (फारसी नया साल) और ईद की बधाई भी दी। एनडीए और विपक्षी नेताओं ने इस कूटनीतिक पहल का स्वागत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में उछाल को रोकने और भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाने के लिए यह संवाद जरूरी था। ईरान के राष्ट्रपति ने भी भारत के साथ संबंधों को गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई और युद्ध विराम की दिशा में सहयोग का आश्वासन दिया। यह बातचीत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की ‘शांति दूत’ की भूमिका को और मजबूत करती है।