PM Modi Congratulate Tarique Rahman: बांग्लादेश के आम चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जिसे दक्षिण एशिया की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को जीत की बधाई देते हुए एक लोकतांत्रिक और समावेशी बांग्लादेश के साथ काम करने की प्रतिबद्धता जताई है। भारत के लिए यह चुनाव परिणाम संतुलित अवसर प्रदान करने वाले हैं क्योंकि कट्टरपंथी झुकाव वाली जमात-ए-इस्लामी बहुमत से दूर रही है, जिससे सुरक्षा और रणनीतिक मोर्चे पर तत्काल बड़ा खतरा टल गया है। बांग्लादेश की मौजूदा आर्थिक चुनौतियों, जैसे विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट और मुद्रास्फीति को देखते हुए नई सरकार के लिए भारत के साथ सहयोग बनाए रखना एक व्यावहारिक आवश्यकता होगी। शेख हसीना के कार्यकाल में शुरू हुए ऊर्जा, रेल और सड़क संपर्क प्रोजेक्ट्स को जारी रखना ढाका के हित में होगा। हालांकि आवामी लीग की अनुपस्थिति और जमात के मजबूत विपक्ष के रूप में उभरने से भविष्य में भारत विरोधी भावनाओं का खतरा बना रह सकता है, इसलिए नई दिल्ली को ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत सतर्क और बहुस्तरीय कूटनीति अपनानी होगी।
PM Modi Congratulate Tarique Rahman: बांग्लादेश के आम चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जिसे दक्षिण एशिया की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को जीत की बधाई देते हुए एक लोकतांत्रिक और समावेशी बांग्लादेश के साथ काम करने की प्रतिबद्धता जताई है। भारत के लिए यह चुनाव परिणाम संतुलित अवसर प्रदान करने वाले हैं क्योंकि कट्टरपंथी झुकाव वाली जमात-ए-इस्लामी बहुमत से दूर रही है, जिससे सुरक्षा और रणनीतिक मोर्चे पर तत्काल बड़ा खतरा टल गया है। बांग्लादेश की मौजूदा आर्थिक चुनौतियों, जैसे विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट और मुद्रास्फीति को देखते हुए नई सरकार के लिए भारत के साथ सहयोग बनाए रखना एक व्यावहारिक आवश्यकता होगी। शेख हसीना के कार्यकाल में शुरू हुए ऊर्जा, रेल और सड़क संपर्क प्रोजेक्ट्स को जारी रखना ढाका के हित में होगा। हालांकि आवामी लीग की अनुपस्थिति और जमात के मजबूत विपक्ष के रूप में उभरने से भविष्य में भारत विरोधी भावनाओं का खतरा बना रह सकता है, इसलिए नई दिल्ली को ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत सतर्क और बहुस्तरीय कूटनीति अपनानी होगी।