चीन पर निर्भरता होगी कम! भारत-ऑस्ट्रेलिया ने बनाया क्रिटिकल मिनरल्स का बड़ा प्लान-VIDEO
PM Modi Australia Visit: पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे में 18 अहम समझौते हुए। न्यूक्लियर, क्रिटिकल मिनरल्स, गगनयान, रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भारत को बड़ी मजबूती मिलेगी।
- Written By: वंदना शर्मा
PM Modi in Australia: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रही है। इस यात्रा में दोनों देशों के बीच 18 बड़े समझौते हुए हैं। आपको बताते चले कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ‘सिविल न्यूक्लियर एग्रीमेंट’ को पूरी तरह से ऑपरेशनल कर दिया गया है। इससे भारत को स्वच्छ ऊर्जा के लिए यूरेनियम की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इतना ही नही बल्कि भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर ‘क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर’ विकसित करेंगे। इसके अलावा लिथियम, कोबाल्ट और निकेल जैसे खनिजों के लिए चीन पर निर्भरता कम करने की दिशा में यह एक बड़ा रणनीतिक कदम है।
भारत के महत्वाकांक्षी ‘गगनयान मिशन’ को सहारा देने के लिए कोकस द्वीप पर एक स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल स्थापित किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों ने रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए रोड मैप तैयार किया है। इसमें सैन्य अभ्यासों का दायरा बढ़ाना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।
‘पैक’ के तहत दोनों देश AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। साथ ही, ऑस्ट्रेलिया के कई विश्वविद्यालय भारत में अपने कैंपस स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिससे भारतीय छात्रों को लाभ होगा। बता दें कि यह यात्रा केवल व्यापारिक नहीं बल्कि भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी क्रांति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने वाली एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस बारे में पूर्ण रूप से जानकारी प्राप्त करने के लिए ये वीडियो को पूरा देखे….
PM Modi in Australia: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रही है। इस यात्रा में दोनों देशों के बीच 18 बड़े समझौते हुए हैं। आपको बताते चले कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ‘सिविल न्यूक्लियर एग्रीमेंट’ को पूरी तरह से ऑपरेशनल कर दिया गया है। इससे भारत को स्वच्छ ऊर्जा के लिए यूरेनियम की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इतना ही नही बल्कि भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर ‘क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर’ विकसित करेंगे। इसके अलावा लिथियम, कोबाल्ट और निकेल जैसे खनिजों के लिए चीन पर निर्भरता कम करने की दिशा में यह एक बड़ा रणनीतिक कदम है।
भारत के महत्वाकांक्षी ‘गगनयान मिशन’ को सहारा देने के लिए कोकस द्वीप पर एक स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल स्थापित किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों ने रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए रोड मैप तैयार किया है। इसमें सैन्य अभ्यासों का दायरा बढ़ाना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।
‘पैक’ के तहत दोनों देश AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। साथ ही, ऑस्ट्रेलिया के कई विश्वविद्यालय भारत में अपने कैंपस स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिससे भारतीय छात्रों को लाभ होगा। बता दें कि यह यात्रा केवल व्यापारिक नहीं बल्कि भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी क्रांति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने वाली एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस बारे में पूर्ण रूप से जानकारी प्राप्त करने के लिए ये वीडियो को पूरा देखे….
