ओबीसी से लेकर परिसीमन तक…PM Modi ने विपक्ष के हर वार का दिया करारा जवाब, कहा- हम झुकेंगे नहीं
PM Modi ने राष्ट्र के नाम संबोधन में महिला आरक्षण विधेयक पास न होने पर विपक्ष को घेरा। उन्होंने कांग्रेस और सपा जैसे दलों पर नारी शक्ति के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया।
- Written By: अक्षय साहू
PM Modi on Women Reservation Bill: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पास न होने के लिए कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी समेत विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन संशोधन’ महिलाओं को विकास यात्रा में बराबरी का भागीदार बनाने के लिए लाया गया था और इसका उद्देश्य सभी राज्यों की ताकत को समान रूप से बढ़ाना था। सरकार का आरोप है कि विपक्ष ने इस प्रयास को संसद में रोक दिया, जिससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बाधा आई। मोदी ने स्पष्ट किया कि सरकार अपने संकल्प से पीछे नहीं हटेगी और भविष्य में इसे लागू करने की कोशिश जारी रहेगी।उन्होंने कांग्रेस पर पुराने मुद्दों ओबीसी आरक्षण, वन रैंक वन पेंशन और सीमा विवाद को लंबे समय तक लटकाने का आरोप भी लगाया। साथ ही विपक्ष पर “एंटी-रिफॉर्म” मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि वे जरूरी बदलावों का विरोध करते रहे हैं। परिसीमन पर भी सरकार ने विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि सभी राज्यों की हिस्सेदारी समान रूप से बढ़ेगी।
PM Modi on Women Reservation Bill: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पास न होने के लिए कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी समेत विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन संशोधन’ महिलाओं को विकास यात्रा में बराबरी का भागीदार बनाने के लिए लाया गया था और इसका उद्देश्य सभी राज्यों की ताकत को समान रूप से बढ़ाना था। सरकार का आरोप है कि विपक्ष ने इस प्रयास को संसद में रोक दिया, जिससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बाधा आई। मोदी ने स्पष्ट किया कि सरकार अपने संकल्प से पीछे नहीं हटेगी और भविष्य में इसे लागू करने की कोशिश जारी रहेगी।उन्होंने कांग्रेस पर पुराने मुद्दों ओबीसी आरक्षण, वन रैंक वन पेंशन और सीमा विवाद को लंबे समय तक लटकाने का आरोप भी लगाया। साथ ही विपक्ष पर “एंटी-रिफॉर्म” मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि वे जरूरी बदलावों का विरोध करते रहे हैं। परिसीमन पर भी सरकार ने विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि सभी राज्यों की हिस्सेदारी समान रूप से बढ़ेगी।
