चाइनीज लहसुन के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका, लगेगा जहरीले लहसुन पर प्रतिबंध
हाइकोर्ट में अधिवक्ता ने कहा कि चीनी लहसुन के हानिकारक प्रभावों के कारण हमारे देश में इसके निर्यात पर प्रतिबंध है, इसके बावजूद लखनऊ सहित पूरे देश में यह जोर शोर से बिक रहा है। इसी पर सरकारी वकील व लैब के एक्सपर्ट को तलब किया है।
- Written By: विजय कुमार तिवारी
26 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में चीनी लहसुन के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर होने का एक दिलचस्प मामला सामने आया। मोतीलाल यादव नाम के एक वकील ने हाईकोर्ट में चाइनीज लहसुन को लेकर जनहित याचिका दायर करके इसके हानिकारक पहलुओं पर चर्चा की है। वकील ने अपनी याचिका में कहा है कि चीनी लहसुन के हानिकारक प्रभावों के कारण देश में इसके निर्यात पर प्रतिबंध है, इसके बावजूद लखनऊ सहित पूरे देश में यह आसानी से उपलब्ध है। मामले में सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्र के वकील से देश में ऐसी वस्तुओं के प्रवेश को रोकने के लिए व्यवस्था के बारे में भी सवाल किया है और लहसुन के नकारात्मक पहलुओं की जांच कराने के लिए लैब के एक्सपर्ट को भी तलब किया है।
26 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में चीनी लहसुन के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर होने का एक दिलचस्प मामला सामने आया। मोतीलाल यादव नाम के एक वकील ने हाईकोर्ट में चाइनीज लहसुन को लेकर जनहित याचिका दायर करके इसके हानिकारक पहलुओं पर चर्चा की है। वकील ने अपनी याचिका में कहा है कि चीनी लहसुन के हानिकारक प्रभावों के कारण देश में इसके निर्यात पर प्रतिबंध है, इसके बावजूद लखनऊ सहित पूरे देश में यह आसानी से उपलब्ध है। मामले में सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्र के वकील से देश में ऐसी वस्तुओं के प्रवेश को रोकने के लिए व्यवस्था के बारे में भी सवाल किया है और लहसुन के नकारात्मक पहलुओं की जांच कराने के लिए लैब के एक्सपर्ट को भी तलब किया है।
