पत्रकार नगर के फ्लैट से चला रहा था फर्जी लोन का खेल, पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा
Fake Mudra Loan Scam: पत्रकार नगर में फर्जी पीएम मुद्रा लोन के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खुलासा। पुलिस ने दो युवकों और एक युवती को गिरफ्तार कर नकदी, मोबाइल, एटीएम और लैपटॉप बरामद किए।
- Written By: वंदना शर्मा
Patna Cyber Fraud: पत्रकार नगर क्षेत्र के योगी पुर स्थित एक फ्लैट में एक साइबर ठगी के अपराध की घटना सामने आयी है। इस सूचना की पुष्टि करने के लिए साइबर टीम और सीसीएस की संयुक्त टीम जब वहां घटनास्थल पर पहुंची, तो तब पता चला कि एक घर में कुछ लोगों के दूारा अवैध रूप से गतिविधियां चलाई जा रही थी। इतना ही नही बल्कि इस घटना की जांच करने पर जब साइबर की टीम घर के अंदर घुसी तब वहां पर दो लडके और एक युवती मौजूद थे, जब पुलिस ने घर की तलाशी ली तो फिर 14 मोबाईल, 15 एटीएम, 4 चैक, बुक 5 पास बुक, लैपटॉप, और 6,8650 रूपए जब्त किए गए।
साइबर डीएसपी नीतिश चंद्र धारिया ने मीडिया को बताया कि जब पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की गई तब उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मुद्रा लोन और आदि लोन देने के नाम पर चला रहे थे। इसके साथ ही फेक नम्बर से कॉल जाती थी। जिसके बाद लोगों के फोन पर एक ओटीपी आता था, जिसको बताने पर एक फॉर्म खुलता था उसके बाद जरूरतमंद व्यक्ति उसमें अपना पूरी जानकारी भर देते थे। लोन देने से पहले लोगों से कुछ फीस भी लेते थे। आरोपी उसके बाद लोन लेने वालों के पास फर्जी सत्यतापन पत्र भेज देते थे। ऐसे ही यह कार्यक्रम पूरे एक साल से चल रहा था।
उन्होंने यह भी बताया कि, समान्यत: लोग 500 से लेकर 2500 से भी अधिक का लोन लेते थे, जिसकी ईएमआई लोन की रकम के हिसाब से तय की जाती थी। आरोपी युवती अपने साथी अक्षय कुमार के साथ कॉलेज में पढती थी। फिर इसके बाद उन्होंने एक साथ काम करना शुरु कर दिया था। उन्होने यह भी बताया कि एक रिमझिम नाम की लडकी लोग लेने वालो को कॉल कर के बोलती थी कि यह हमारी कंपनी लोग उपलब्ध कराती है, और मैं अपने सिस्टम में चैक कर पा रही हुं, जैसा कि आपने हमारे यहां पर लोन लेने के लिए अप्लाई किया गया है। आपको बता दें कि अभी तक दो युवक और एक युवती गिरफ्तार हुए है।
Patna Cyber Fraud: पत्रकार नगर क्षेत्र के योगी पुर स्थित एक फ्लैट में एक साइबर ठगी के अपराध की घटना सामने आयी है। इस सूचना की पुष्टि करने के लिए साइबर टीम और सीसीएस की संयुक्त टीम जब वहां घटनास्थल पर पहुंची, तो तब पता चला कि एक घर में कुछ लोगों के दूारा अवैध रूप से गतिविधियां चलाई जा रही थी। इतना ही नही बल्कि इस घटना की जांच करने पर जब साइबर की टीम घर के अंदर घुसी तब वहां पर दो लडके और एक युवती मौजूद थे, जब पुलिस ने घर की तलाशी ली तो फिर 14 मोबाईल, 15 एटीएम, 4 चैक, बुक 5 पास बुक, लैपटॉप, और 6,8650 रूपए जब्त किए गए।
साइबर डीएसपी नीतिश चंद्र धारिया ने मीडिया को बताया कि जब पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की गई तब उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मुद्रा लोन और आदि लोन देने के नाम पर चला रहे थे। इसके साथ ही फेक नम्बर से कॉल जाती थी। जिसके बाद लोगों के फोन पर एक ओटीपी आता था, जिसको बताने पर एक फॉर्म खुलता था उसके बाद जरूरतमंद व्यक्ति उसमें अपना पूरी जानकारी भर देते थे। लोन देने से पहले लोगों से कुछ फीस भी लेते थे। आरोपी उसके बाद लोन लेने वालों के पास फर्जी सत्यतापन पत्र भेज देते थे। ऐसे ही यह कार्यक्रम पूरे एक साल से चल रहा था।
उन्होंने यह भी बताया कि, समान्यत: लोग 500 से लेकर 2500 से भी अधिक का लोन लेते थे, जिसकी ईएमआई लोन की रकम के हिसाब से तय की जाती थी। आरोपी युवती अपने साथी अक्षय कुमार के साथ कॉलेज में पढती थी। फिर इसके बाद उन्होंने एक साथ काम करना शुरु कर दिया था। उन्होने यह भी बताया कि एक रिमझिम नाम की लडकी लोग लेने वालो को कॉल कर के बोलती थी कि यह हमारी कंपनी लोग उपलब्ध कराती है, और मैं अपने सिस्टम में चैक कर पा रही हुं, जैसा कि आपने हमारे यहां पर लोन लेने के लिए अप्लाई किया गया है। आपको बता दें कि अभी तक दो युवक और एक युवती गिरफ्तार हुए है।
