‘एआई समिट है या झुग्गी-झोपड़ी का माहौल?’ अव्यवस्था और डेटा चोरी पर भड़के पप्पू यादव, जानें क्या कहा
Pappu Yadav: सांसद पप्पू यादव ने एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के आयोजन को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने खाने की किल्लत, चोरी और डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Pappu Yadav on AI Impact Summit 2026: दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ विवादों के घेरे में आ गया है। जहां सरकार इसे तकनीकी क्रांति बता रही है, वहीं सांसद पप्पू यादव ने समिट में भारी अव्यवस्थाओं का दावा किया है। उन्होंने आयोजन की तुलना ‘झुग्गी-झोपड़ी’ के माहौल से करते हुए इसे देश के सम्मान के खिलाफ बताया है।
समिट में अव्यवस्था का अंबार और ‘झुग्गी-झोपड़ी’ जैसा माहौल
सांसद पप्पू यादव ने एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव था। उनके अनुसार, वहां खाने-पीने की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई थी और लोगों को अपनी जेब से पैसे देकर भोजन खरीदना पड़ रहा था।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि समिट का माहौल किसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन जैसा नहीं, बल्कि ऐसा लग रहा था जैसे झुग्गी-झोपड़ियों में नेता कोई आयोजन कर रहे हों। यादव ने इसे केवल ‘गोदी मीडिया’ द्वारा किया गया एक हाइप और मार्केटिंग करार दिया, जबकि हकीकत में जमीन पर अफरा-तफरी का माहौल था।
Pappu Yadav on AI Impact Summit 2026: दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ विवादों के घेरे में आ गया है। जहां सरकार इसे तकनीकी क्रांति बता रही है, वहीं सांसद पप्पू यादव ने समिट में भारी अव्यवस्थाओं का दावा किया है। उन्होंने आयोजन की तुलना ‘झुग्गी-झोपड़ी’ के माहौल से करते हुए इसे देश के सम्मान के खिलाफ बताया है।
समिट में अव्यवस्था का अंबार और ‘झुग्गी-झोपड़ी’ जैसा माहौल
सांसद पप्पू यादव ने एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव था। उनके अनुसार, वहां खाने-पीने की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई थी और लोगों को अपनी जेब से पैसे देकर भोजन खरीदना पड़ रहा था।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि समिट का माहौल किसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन जैसा नहीं, बल्कि ऐसा लग रहा था जैसे झुग्गी-झोपड़ियों में नेता कोई आयोजन कर रहे हों। यादव ने इसे केवल ‘गोदी मीडिया’ द्वारा किया गया एक हाइप और मार्केटिंग करार दिया, जबकि हकीकत में जमीन पर अफरा-तफरी का माहौल था।
