हड़ताल कर रहे डॉक्टरों पर फूंटा पप्पू यादव का गुस्सा, बोले ये कोई भगवान नहीं EGO वाले इंसान हैं
डॉक्टर द्वारा किए गए हड़ताल को लेकर पप्पू यादव का गुस्सा फूंटा है। इस घटना को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कोई भी राज्य सरकार इस तरह के मामलों में क्या कर सकता है। केंद्र केवल बेटी पर राजनीति करता है। इससे पहले केंद्र सरकार को बृजभूषण जैसे मामलों का जवाब देना चाहिए।
- Written By: शानू शर्मा
कोलकाता दरिंदगी मामले को लेकर देश में गुस्सा का माहौल है। हर तरफ ममता सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी है। सोशल मीडिया पर कई बार उनसे इस्तीफे की मांग की गई। गुस्साए डॉक्टर कई दिनों से हड़ताल पर बैठे थे, हालांकि आज सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद सभी डॉक्टर काम पर लौट गए हैं। लेकिन डॉक्टर द्वारा किए गए हड़ताल को लेकर पप्पू यादव का गुस्सा फूंटा है। इस घटना को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कोई भी राज्य सरकार इस तरह के मामलों में क्या कर सकता है। केंद्र केवल बेटी पर राजनीति करता है। इससे पहले केंद्र सरकार को बृजभूषण जैसे मामलों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब की बेटी के साथ जब गलत होता है तो कोई हड़ताल नहीं होता है। डॉक्टर तोड़फोड़ करें तो कोई बात नहीं। इन्हें भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन ये केवल एक सामान्य इंसान है जो मरीजों को छोड़कर हड़ताल पर बैठे हैं। इन्हें इंसानियत के बारे में पता नहीं है। अपने ईगो के कारण डॉक्टर मरोजों की जान ले रहे हैं। प्रशासन की गलती पर सरकार को गाली देना गलत है। अगर ऐसा ही है तो केंद्र सरकार को उत्तराखंड, राम रहिम और बृज भूषण जैसे मामलों का जवाब क्यों नहीं देते। बेटियों में भी अंतर किया जा रहा है।
कोलकाता दरिंदगी मामले को लेकर देश में गुस्सा का माहौल है। हर तरफ ममता सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी है। सोशल मीडिया पर कई बार उनसे इस्तीफे की मांग की गई। गुस्साए डॉक्टर कई दिनों से हड़ताल पर बैठे थे, हालांकि आज सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद सभी डॉक्टर काम पर लौट गए हैं। लेकिन डॉक्टर द्वारा किए गए हड़ताल को लेकर पप्पू यादव का गुस्सा फूंटा है। इस घटना को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कोई भी राज्य सरकार इस तरह के मामलों में क्या कर सकता है। केंद्र केवल बेटी पर राजनीति करता है। इससे पहले केंद्र सरकार को बृजभूषण जैसे मामलों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब की बेटी के साथ जब गलत होता है तो कोई हड़ताल नहीं होता है। डॉक्टर तोड़फोड़ करें तो कोई बात नहीं। इन्हें भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन ये केवल एक सामान्य इंसान है जो मरीजों को छोड़कर हड़ताल पर बैठे हैं। इन्हें इंसानियत के बारे में पता नहीं है। अपने ईगो के कारण डॉक्टर मरोजों की जान ले रहे हैं। प्रशासन की गलती पर सरकार को गाली देना गलत है। अगर ऐसा ही है तो केंद्र सरकार को उत्तराखंड, राम रहिम और बृज भूषण जैसे मामलों का जवाब क्यों नहीं देते। बेटियों में भी अंतर किया जा रहा है।
