Pappu Yadav Jehanabad Case: बिहार की राजधानी पटना में जहानाबाद की एक छात्रा के साथ हुई संदेहास्पद घटना ने सियासी और सामाजिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। पूर्व सांसद पप्पू यादव इस मामले में मुखर होकर सामने आए हैं और उन्होंने मुख्य आरोपी मनीष रंजन सहित कई डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जहानाबाद की बेटी को न्याय दिलाने के लिए पप्पू यादव ने इस मामले की परतों को खोलना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस पूरी घटना की जानकारी उन्हें 5 तारीख को ही पंचायत के मुखिया रुद्र जी ने दी थी, जिसके बाद वे लगातार पीड़ित परिवार के संपर्क में रहे। पप्पू यादव के अनुसार, जब लड़की को सहजानंद सरस्वती के यहाँ से प्रभात अस्पताल लाया गया, तब वह होश में थी, जिसकी पुष्टि खुद अस्पताल के एक पार्टनर ने की है। आरोप है कि लड़की को अत्यधिक मात्रा में ड्रग्स दिए गए थे। इस साजिश में मनीष रंजन की भूमिका को सबसे अहम बताया जा रहा है, जिसका न केवल अस्पताल बल्कि कई हॉस्टल और पार्टनरशिप का नेटवर्क चल रहा है। यादव ने डॉक्टर सतीश, डॉक्टर अभिषेक, और बृजेश सहित कई अन्य नामों का उल्लेख किया और आरोप लगाया कि डॉक्टर अभिषेक ने हॉस्टल में धक्का-मुक्की भी की थी।
पप्पू यादव ने इस मामले में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य आरोपी मनीष रंजन पहले से ही पटना में देह व्यापार चलाता था। उनका दावा है कि वह रसूखदार नेताओं और बड़े पदाधिकारियों को लड़कियां पहुँचाने का काम करता था। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस आखिर मनीष रंजन का मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज क्यों नहीं खंगाल रही है? घटनाक्रम की टाइमलाइन बताते हुए उन्होंने कहा कि लड़की 5 तारीख को दोपहर 3:00 बजे पटना के हॉस्टल में आई थी और रात 9:00 बजे उसने अपने माता-पिता से बात की थी। 5 तारीख की रात 9:00 बजे से लेकर 6 तारीख के बीच ही लड़की के साथ यह खौफनाक वारदात अंजाम दी गई।
Pappu Yadav Jehanabad Case: बिहार की राजधानी पटना में जहानाबाद की एक छात्रा के साथ हुई संदेहास्पद घटना ने सियासी और सामाजिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। पूर्व सांसद पप्पू यादव इस मामले में मुखर होकर सामने आए हैं और उन्होंने मुख्य आरोपी मनीष रंजन सहित कई डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जहानाबाद की बेटी को न्याय दिलाने के लिए पप्पू यादव ने इस मामले की परतों को खोलना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस पूरी घटना की जानकारी उन्हें 5 तारीख को ही पंचायत के मुखिया रुद्र जी ने दी थी, जिसके बाद वे लगातार पीड़ित परिवार के संपर्क में रहे। पप्पू यादव के अनुसार, जब लड़की को सहजानंद सरस्वती के यहाँ से प्रभात अस्पताल लाया गया, तब वह होश में थी, जिसकी पुष्टि खुद अस्पताल के एक पार्टनर ने की है। आरोप है कि लड़की को अत्यधिक मात्रा में ड्रग्स दिए गए थे। इस साजिश में मनीष रंजन की भूमिका को सबसे अहम बताया जा रहा है, जिसका न केवल अस्पताल बल्कि कई हॉस्टल और पार्टनरशिप का नेटवर्क चल रहा है। यादव ने डॉक्टर सतीश, डॉक्टर अभिषेक, और बृजेश सहित कई अन्य नामों का उल्लेख किया और आरोप लगाया कि डॉक्टर अभिषेक ने हॉस्टल में धक्का-मुक्की भी की थी।
पप्पू यादव ने इस मामले में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य आरोपी मनीष रंजन पहले से ही पटना में देह व्यापार चलाता था। उनका दावा है कि वह रसूखदार नेताओं और बड़े पदाधिकारियों को लड़कियां पहुँचाने का काम करता था। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस आखिर मनीष रंजन का मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज क्यों नहीं खंगाल रही है? घटनाक्रम की टाइमलाइन बताते हुए उन्होंने कहा कि लड़की 5 तारीख को दोपहर 3:00 बजे पटना के हॉस्टल में आई थी और रात 9:00 बजे उसने अपने माता-पिता से बात की थी। 5 तारीख की रात 9:00 बजे से लेकर 6 तारीख के बीच ही लड़की के साथ यह खौफनाक वारदात अंजाम दी गई।






