Pahalgam Attack: आतंक के बीच शॉल विक्रता बना इंसानियत का फरिश्ता, लोगों की जान बचाने वाले सज्जाद भट्ट बोले- हम सब भाई-भाई
पहलगाम में आतंकियों की गोलीबारी से घायल हुए लोगों को अस्पताल पहुचाने वाले सज्जाद अहमद भट्ट को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सम्मान दिया है। सज्जाद ने कहा कि उस वक्त वहां पर कयामत का मंजर था।
- Written By: आकाश मसने
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद कई ऐसी कहानियां सामने आई जिसमें स्थानीय लोगों ने पर्यटकों को बचाने के लिए जान की बाजी लगा दी। ऐसी ही एक कहानी शॉल विक्रेता सज्जाद अहमद भट्ट की भी है, जिसने पहलगाम में आतंकियों की गोलीबारी से घायल हुए लोगों को अस्पताल पहुंचाया। सज्जाद अहमद भट्ट को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सम्मान दिया है। सज्जाद ने कहा कि उस वक्त वहां पर कयामत का मंजर था, जिसको हम कभी नहीं भूलेंगे और ना ही कभी ऐसा देखा था। वहां पर लोग बेसुध पड़े हुए थे, रो रहे थे, सैलानी मुझसे कह रहे थे कि हमें किसी भी तरह यहां से बचा लो। सज्जाद ने बताया कि जब मैं वहां पहुंचा तो लोग जख्मी पड़े हुए थे। सैलानी डरे हुए सहमे हुए थे, कई जख्मी थे, उन्हें हमने अस्पताल तक पहुंचाया और जो भी मिला मुझे मैंने कंधे पर उठाकर अस्पताल तक पहुंचाया।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद कई ऐसी कहानियां सामने आई जिसमें स्थानीय लोगों ने पर्यटकों को बचाने के लिए जान की बाजी लगा दी। ऐसी ही एक कहानी शॉल विक्रेता सज्जाद अहमद भट्ट की भी है, जिसने पहलगाम में आतंकियों की गोलीबारी से घायल हुए लोगों को अस्पताल पहुंचाया। सज्जाद अहमद भट्ट को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सम्मान दिया है। सज्जाद ने कहा कि उस वक्त वहां पर कयामत का मंजर था, जिसको हम कभी नहीं भूलेंगे और ना ही कभी ऐसा देखा था। वहां पर लोग बेसुध पड़े हुए थे, रो रहे थे, सैलानी मुझसे कह रहे थे कि हमें किसी भी तरह यहां से बचा लो। सज्जाद ने बताया कि जब मैं वहां पहुंचा तो लोग जख्मी पड़े हुए थे। सैलानी डरे हुए सहमे हुए थे, कई जख्मी थे, उन्हें हमने अस्पताल तक पहुंचाया और जो भी मिला मुझे मैंने कंधे पर उठाकर अस्पताल तक पहुंचाया।
