Nuclear Attack Survival Guide: 21 मार्च 2026 को ईरान के खुजिस्तान प्रांत में स्थित वहादाती एयरबेस पर अमेरिका और इजरायल की मिसाइल बमबारी ने दुनिया भर में तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) की आशंका बढ़ा दी है। इस भीषण हमले में सैन्य ठिकाने के गोला-बारूद बंकरों में हुए विस्फोटों के बाद अब परमाणु युद्ध का डर गहरा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, परमाणु विस्फोट की स्थिति में रेडिएशन सबसे घातक दुश्मन होता है, जो अदृश्य रहकर शरीर के सेल्स को नष्ट कर देता है। बचाव के लिए ‘अंदर जाएं, अंदर रहें और जानकारी में रहें’ का नियम सबसे प्रभावी है। धमाके की सूचना मिलते ही किसी कंक्रीट की मजबूत इमारत या बेसमेंट में शरण लेनी चाहिए और खिड़की-दरवाजों से दूर रहना चाहिए। यदि आप बाहर थे, तो घर पहुंचकर अपने कपड़े तुरंत बदलें और गुनगुने पानी से नहाएं ताकि 90% रेडिएशन कम हो सके। इसके अलावा, पोटैशियम आयोडाइड जैसी दवाएं थायराइड को रेडियोएक्टिव आयोडीन से बचाने में मदद कर सकती हैं, जिसकी मांग हाल ही में काफी बढ़ गई है। हालांकि, ये दवाएं पूरी तरह सुरक्षा की गारंटी नहीं हैं, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
Nuclear Attack Survival Guide: 21 मार्च 2026 को ईरान के खुजिस्तान प्रांत में स्थित वहादाती एयरबेस पर अमेरिका और इजरायल की मिसाइल बमबारी ने दुनिया भर में तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) की आशंका बढ़ा दी है। इस भीषण हमले में सैन्य ठिकाने के गोला-बारूद बंकरों में हुए विस्फोटों के बाद अब परमाणु युद्ध का डर गहरा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, परमाणु विस्फोट की स्थिति में रेडिएशन सबसे घातक दुश्मन होता है, जो अदृश्य रहकर शरीर के सेल्स को नष्ट कर देता है। बचाव के लिए ‘अंदर जाएं, अंदर रहें और जानकारी में रहें’ का नियम सबसे प्रभावी है। धमाके की सूचना मिलते ही किसी कंक्रीट की मजबूत इमारत या बेसमेंट में शरण लेनी चाहिए और खिड़की-दरवाजों से दूर रहना चाहिए। यदि आप बाहर थे, तो घर पहुंचकर अपने कपड़े तुरंत बदलें और गुनगुने पानी से नहाएं ताकि 90% रेडिएशन कम हो सके। इसके अलावा, पोटैशियम आयोडाइड जैसी दवाएं थायराइड को रेडियोएक्टिव आयोडीन से बचाने में मदद कर सकती हैं, जिसकी मांग हाल ही में काफी बढ़ गई है। हालांकि, ये दवाएं पूरी तरह सुरक्षा की गारंटी नहीं हैं, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।