Noida Labor Protest: नोएडा के होजरी कॉम्प्लेक्स में वेतन वृद्धि और साप्ताहिक अवकाश की मांगों को लेकर शुरू हुआ मजदूरों का आंदोलन अब एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश के शक के घेरे में आ गया है। उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए दावा किया है कि इस हिंसक प्रदर्शन के पीछे उन आतंकियों का हाथ हो सकता है जिनके तार पाकिस्तान से जुड़े हैं। मंत्री का आरोप है कि यह महज सैलरी की लड़ाई नहीं, बल्कि राज्य के विकास और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की एक सोची-समझी साजिश है। इस दावे के पीछे मंत्री ने मेरठ और नोएडा से हाल ही में पकड़े गए चार संदिग्ध आतंकियों का हवाला दिया है, जिनके संपर्क पाकिस्तान में बैठे आकाओं से बताए जा रहे हैं। गौरतलब है कि बीते दिनों हजारों मजदूरों ने एनएच 24 जाम कर दिया था, जिसके बाद प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उनकी मांगों को मान लिया था। हालांकि, अब जांच का रुख बदल गया है। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या फैक्ट्रियों में काम करने वाले कम वेतनभोगी कर्मचारियों के बीच स्लीपर सेल ने घुसपैठ की थी और भीड़ को हिंसा के लिए उकसाया था। फिलहाल यह मामला प्रशासन की कार्यप्रणाली और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच एक नई बहस का केंद्र बन गया है। उनकी ताजपोशी के साथ ही बिहार में अब भाजपा के पूर्ण शासन की शुरुआत हो गई है।
Noida Labor Protest: नोएडा के होजरी कॉम्प्लेक्स में वेतन वृद्धि और साप्ताहिक अवकाश की मांगों को लेकर शुरू हुआ मजदूरों का आंदोलन अब एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश के शक के घेरे में आ गया है। उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए दावा किया है कि इस हिंसक प्रदर्शन के पीछे उन आतंकियों का हाथ हो सकता है जिनके तार पाकिस्तान से जुड़े हैं। मंत्री का आरोप है कि यह महज सैलरी की लड़ाई नहीं, बल्कि राज्य के विकास और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की एक सोची-समझी साजिश है। इस दावे के पीछे मंत्री ने मेरठ और नोएडा से हाल ही में पकड़े गए चार संदिग्ध आतंकियों का हवाला दिया है, जिनके संपर्क पाकिस्तान में बैठे आकाओं से बताए जा रहे हैं। गौरतलब है कि बीते दिनों हजारों मजदूरों ने एनएच 24 जाम कर दिया था, जिसके बाद प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उनकी मांगों को मान लिया था। हालांकि, अब जांच का रुख बदल गया है। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या फैक्ट्रियों में काम करने वाले कम वेतनभोगी कर्मचारियों के बीच स्लीपर सेल ने घुसपैठ की थी और भीड़ को हिंसा के लिए उकसाया था। फिलहाल यह मामला प्रशासन की कार्यप्रणाली और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच एक नई बहस का केंद्र बन गया है। उनकी ताजपोशी के साथ ही बिहार में अब भाजपा के पूर्ण शासन की शुरुआत हो गई है।