पेट्रोल से ₹20 तक सस्ता होगा E100 फ्यूल! जानिए गन्ने से बने इस नए ईंधन के फायदे और नुकसान- VIDEO
E100 Fuel: भारत को प्रदूषण मुक्त और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने 100 प्रतिशत इथेनॉल आधारित ईंधन यानी E100 फ्यूल को कानूनी मंजूरी दे दी है।
- Written By: मनोज आर्या
E100 Fuel Explained: भारत को प्रदूषण मुक्त और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने 100 प्रतिशत इथेनॉल आधारित ईंधन यानी E100 फ्यूल को कानूनी मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में इसकी घोषणा करते हुए बताया कि इसके नियमों से संबंधित फाइल को पास कर दिया गया है और आने वाले डेढ़ से दो महीनों में हुंडई, टोयोटा और एमजी मोटर्स जैसी कंपनियां अपने फ्लेक्स फ्यूल वाहनों को बाजार में पेश करेंगी। E100 एक ऐसा ग्रीन फ्यूल है जिसे गन्ना, मक्का और कृषि अवशेषों से तैयार किया जाता है और इसमें पारंपरिक पेट्रोल का मिश्रण नहीं होता है। सरकार का मुख्य उद्देश्य विदेशी कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता को कम करना है, जिससे अब तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक की बचत हुई है और किसानों को करीब ₹80,000 करोड़ की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है। हालांकि, दिल्ली में लॉन्च हुए E85 फ्यूल की कीमत ₹82.12 प्रति लीटर है जो सामान्य पेट्रोल से करीब ₹20 सस्ता है, लेकिन पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल की एनर्जी डेंसिटी कम होने के कारण वाहनों के माइलेज में मामूली गिरावट आ सकती है। इसके साथ ही मौजूदा सामान्य वाहन सीधे E100 फ्यूल पर नहीं चल सकते, जिसके लिए देश भर में फ्लेक्स फ्यूल वाहनों की उपलब्धता और पेट्रोल पंपों पर मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती होगी।
E100 Fuel Explained: भारत को प्रदूषण मुक्त और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने 100 प्रतिशत इथेनॉल आधारित ईंधन यानी E100 फ्यूल को कानूनी मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में इसकी घोषणा करते हुए बताया कि इसके नियमों से संबंधित फाइल को पास कर दिया गया है और आने वाले डेढ़ से दो महीनों में हुंडई, टोयोटा और एमजी मोटर्स जैसी कंपनियां अपने फ्लेक्स फ्यूल वाहनों को बाजार में पेश करेंगी। E100 एक ऐसा ग्रीन फ्यूल है जिसे गन्ना, मक्का और कृषि अवशेषों से तैयार किया जाता है और इसमें पारंपरिक पेट्रोल का मिश्रण नहीं होता है। सरकार का मुख्य उद्देश्य विदेशी कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता को कम करना है, जिससे अब तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक की बचत हुई है और किसानों को करीब ₹80,000 करोड़ की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है। हालांकि, दिल्ली में लॉन्च हुए E85 फ्यूल की कीमत ₹82.12 प्रति लीटर है जो सामान्य पेट्रोल से करीब ₹20 सस्ता है, लेकिन पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल की एनर्जी डेंसिटी कम होने के कारण वाहनों के माइलेज में मामूली गिरावट आ सकती है। इसके साथ ही मौजूदा सामान्य वाहन सीधे E100 फ्यूल पर नहीं चल सकते, जिसके लिए देश भर में फ्लेक्स फ्यूल वाहनों की उपलब्धता और पेट्रोल पंपों पर मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती होगी।
