मालेगांव सरकारी दफ्तर में नमाज पर भड़के नितेश राणे, मदरसों को लेकर दिया विवादित बयान, देखें VIDEO
Nitesh Rane Controversy: महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने मालेगांव नमाज विवाद पर तीखा बयान देते हुए मदरसों को 'आतंकवाद का केंद्र' बताया है। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद छिड़ गया है।
- Written By: आकाश मसने
Nitesh Rane Controversial Statement: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सांप्रदायिक और भाषाई बयानबाजी ने तूल पकड़ लिया है। ताजा विवाद मालेगांव के बिजली विभाग के कार्यालय में सामूहिक नमाज पढ़े जाने से शुरू हुआ है। इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा विधायक नितेश राणे ने तीखा हमला बोला है। राणे ने न केवल इस कृत्य की निंदा की, बल्कि मदरसों को लेकर भी एक बड़ा और विवादित दावा किया है। विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए नितेश राणे ने मालेगांव की घटना पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “यह एक हिंदू राष्ट्र है और यहाँ इस तरह की गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती। जब मालेगांव में पहले से ही इतनी मस्जिदें मौजूद हैं, तो सरकारी दफ्तर के भीतर नमाज पढ़ने की क्या जरूरत थी?” उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि क्या वे विकास करने के लिए चुने गए हैं या फिर ‘जिहाद’ फैलाने के लिए।
Nitesh Rane Controversial Statement: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सांप्रदायिक और भाषाई बयानबाजी ने तूल पकड़ लिया है। ताजा विवाद मालेगांव के बिजली विभाग के कार्यालय में सामूहिक नमाज पढ़े जाने से शुरू हुआ है। इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा विधायक नितेश राणे ने तीखा हमला बोला है। राणे ने न केवल इस कृत्य की निंदा की, बल्कि मदरसों को लेकर भी एक बड़ा और विवादित दावा किया है। विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए नितेश राणे ने मालेगांव की घटना पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “यह एक हिंदू राष्ट्र है और यहाँ इस तरह की गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती। जब मालेगांव में पहले से ही इतनी मस्जिदें मौजूद हैं, तो सरकारी दफ्तर के भीतर नमाज पढ़ने की क्या जरूरत थी?” उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि क्या वे विकास करने के लिए चुने गए हैं या फिर ‘जिहाद’ फैलाने के लिए।
