रोज 17 घंटे पढ़ाई, फिर बने NEET-UG 2026 के टॉपर; आर्यन ने बताया सक्सेस पाने का मंत्र- VIDEO
NEET-UG 2026 Result: टॉपर आर्यन गुप्ता ने बताया कैसे 12-17 घंटे की पढ़ाई, भाई की प्रेरणा और सही रणनीति से री-नीट में 715 अंक हासिल किए।
- Written By: वंदना शर्मा
NEET-UG 2026: की परीक्षा के टॉपर आर्यन गुप्ता ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए कहा है कि मेरी सफलता का श्रेय मेरे बड़े भाई आदित्य गुप्ता को जाता हैं और जो मेरे लिए प्रेरणा और रोल मॉडल हमेशा से रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन को भी महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने आगे यह भी बताया कि वे रोजाना 12 से 14 घंटे पढ़ाई करते थे, और अंतिम महीने में यह समय बढ़कर 16 से 17 घंटे तक हो गया था। उन्होंने कोचिंग के होमवर्क और नियमित कक्षाओं पर पूरा ध्यान केंद्रित किया।
12 मई को जब री-नीट की घोषणा हुई, तो उन्हें झटका लगा था क्योंकि उन्होंने अपनी किताबें बंद कर दी थीं। हालांकि, उन्होंने इसे एक अवसर के रूप में लिया। पहले नीट में उनके 696 अंक थे, जो री-नीट में बढ़कर 715 हो गए। आर्यन ने बताया कि पढ़ते समय उनका पूरा ध्यान केवल पढ़ाई पर होता था। वे ब्रेक्स लेते थे, लेकिन पढ़ाई के दौरान किसी भी अन्य चीज़ का ध्यान नहीं भटकने देते थे। उन्होंने अन्य छात्रों को सलाह दी कि मेहनत करें, अपने समय का सही प्रबंधन करें और अपने दैनिक लक्ष्यों को नियमित रूप से पूरा करें। आर्यन ने अपनी तैयारी सीकर में की थी और वे एक ऐसे परिवार से आते हैं जहाँ अधिकांश सदस्य डॉक्टर हैं। यह वीडियो जरूर देखे….
NEET-UG 2026: की परीक्षा के टॉपर आर्यन गुप्ता ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए कहा है कि मेरी सफलता का श्रेय मेरे बड़े भाई आदित्य गुप्ता को जाता हैं और जो मेरे लिए प्रेरणा और रोल मॉडल हमेशा से रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन को भी महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने आगे यह भी बताया कि वे रोजाना 12 से 14 घंटे पढ़ाई करते थे, और अंतिम महीने में यह समय बढ़कर 16 से 17 घंटे तक हो गया था। उन्होंने कोचिंग के होमवर्क और नियमित कक्षाओं पर पूरा ध्यान केंद्रित किया।
12 मई को जब री-नीट की घोषणा हुई, तो उन्हें झटका लगा था क्योंकि उन्होंने अपनी किताबें बंद कर दी थीं। हालांकि, उन्होंने इसे एक अवसर के रूप में लिया। पहले नीट में उनके 696 अंक थे, जो री-नीट में बढ़कर 715 हो गए। आर्यन ने बताया कि पढ़ते समय उनका पूरा ध्यान केवल पढ़ाई पर होता था। वे ब्रेक्स लेते थे, लेकिन पढ़ाई के दौरान किसी भी अन्य चीज़ का ध्यान नहीं भटकने देते थे। उन्होंने अन्य छात्रों को सलाह दी कि मेहनत करें, अपने समय का सही प्रबंधन करें और अपने दैनिक लक्ष्यों को नियमित रूप से पूरा करें। आर्यन ने अपनी तैयारी सीकर में की थी और वे एक ऐसे परिवार से आते हैं जहाँ अधिकांश सदस्य डॉक्टर हैं। यह वीडियो जरूर देखे….
