NEET पेपर लीक: 2 साल की मेहनत पर फिरा पानी, विपक्ष ने सरकार को घेरा; छात्रों ने पूछा- मन की बात का क्या?
NEET पेपर लीक मामले ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। विपक्ष ने इसे 'संगठित गिरोह' का काम बताते हुए सरकार को घेरा है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
NEET Paper Leak: देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा के पेपर लीक मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। एक ओर जहाँ लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। इलाहाबाद और प्रयागराज जैसे केंद्रों से लेकर राजस्थान और उत्तराखंड तक फैले इस घोटाले के तार अब सीबीआई (CBI) की जांच के दायरे में हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल उन लाखों गरीब बच्चों और उनके माता-पिताओं का है, जिन्होंने अपनी जमा-पूंजी इन परीक्षाओं की तैयारी में लगा दी थी।
‘मन की बात’ और हकीकत के बीच फंसे छात्र
विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए उनके ‘मन की बात’ कार्यक्रम पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि प्रधानमंत्री ने बच्चों से कहा था कि “टेंशन मत लो”, लेकिन आज वही छात्र गहरे तनाव में हैं। उन माता-पिताओं पर क्या गुजर रही होगी जिन्होंने कोचिंग सेंटरों में लाखों रुपये खर्च किए, सिर्फ इसलिए कि उनका बच्चा डॉक्टर बन सके। आरोप लगाया गया है कि यह एक ‘ऑर्गनाइज्ड गैंग’का काम है जो जानबूझकर नई पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
NEET Paper Leak: देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा के पेपर लीक मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। एक ओर जहाँ लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। इलाहाबाद और प्रयागराज जैसे केंद्रों से लेकर राजस्थान और उत्तराखंड तक फैले इस घोटाले के तार अब सीबीआई (CBI) की जांच के दायरे में हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल उन लाखों गरीब बच्चों और उनके माता-पिताओं का है, जिन्होंने अपनी जमा-पूंजी इन परीक्षाओं की तैयारी में लगा दी थी।
‘मन की बात’ और हकीकत के बीच फंसे छात्र
विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए उनके ‘मन की बात’ कार्यक्रम पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि प्रधानमंत्री ने बच्चों से कहा था कि “टेंशन मत लो”, लेकिन आज वही छात्र गहरे तनाव में हैं। उन माता-पिताओं पर क्या गुजर रही होगी जिन्होंने कोचिंग सेंटरों में लाखों रुपये खर्च किए, सिर्फ इसलिए कि उनका बच्चा डॉक्टर बन सके। आरोप लगाया गया है कि यह एक ‘ऑर्गनाइज्ड गैंग’का काम है जो जानबूझकर नई पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
