ड्रेस कोड या खास रणनीति? लेंसकार्ट विवाद पर भड़कीं नाजिया इलाही खान, कंपनी पर लगाए धार्मिक भेदभाव के आरोप
Nazia Elahi Khan Slams Lenskart: लेंसकार्ट ड्रेस कोड विवाद पर नाजिया इलाही खान का तीखा हमला! BJP नेता ने तिलक और सिंदूर पर 'अनौपचारिक रोक' का आरोप लगाते हुए कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही।
- Written By: अक्षय साहू
Nazia Elahi Khan on Lenskart Dress Code controversy: लेंसकार्ट से जुड़े ड्रेस कोड विवाद पर बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा की नेता नाजिया इलाही खान ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत में बहुसंख्यक होने के बावजूद हिंदू प्रतीकों जैसे तिलक, रुद्राक्ष, कलावा और विवाहित महिलाओं के सिंदूर-मंगलसूत्र को पहनने पर अनौपचारिक रोक जैसी स्थिति दिख रही है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में मुंबई के अंधेरी स्थित लेंसकार्ट स्टोर में उन्होंने कई सवाल पूछे और कर्मचारियों की धार्मिक पहचान को लेकर भी टिप्पणियाँ कीं। नाजिया इलाही खान ने आरोप लगाया कि कंपनी में कुछ खास समुदाय के लोगों को अधिक जिम्मेदारी दी जा रही है और यह एक “रणनीति” हो सकती है, हालांकि इन दावों का कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है। उन्होंने आगे कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों के तहत सभी धर्मों के प्रतीकों को अपनाने की अनुमति होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कंपनी पर जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वह कानूनी कदम उठाएंगी और अदालत में याचिका दायर करेंगी।
Nazia Elahi Khan on Lenskart Dress Code controversy: लेंसकार्ट से जुड़े ड्रेस कोड विवाद पर बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा की नेता नाजिया इलाही खान ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत में बहुसंख्यक होने के बावजूद हिंदू प्रतीकों जैसे तिलक, रुद्राक्ष, कलावा और विवाहित महिलाओं के सिंदूर-मंगलसूत्र को पहनने पर अनौपचारिक रोक जैसी स्थिति दिख रही है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में मुंबई के अंधेरी स्थित लेंसकार्ट स्टोर में उन्होंने कई सवाल पूछे और कर्मचारियों की धार्मिक पहचान को लेकर भी टिप्पणियाँ कीं। नाजिया इलाही खान ने आरोप लगाया कि कंपनी में कुछ खास समुदाय के लोगों को अधिक जिम्मेदारी दी जा रही है और यह एक “रणनीति” हो सकती है, हालांकि इन दावों का कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है। उन्होंने आगे कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों के तहत सभी धर्मों के प्रतीकों को अपनाने की अनुमति होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कंपनी पर जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वह कानूनी कदम उठाएंगी और अदालत में याचिका दायर करेंगी।
