मंच पर फूट-फूटकर रो पड़े नरोत्तम मिश्रा, बाहुबली का यह आंसू BJP को पड़ेगा भारी! देखें VIDEO
Narottam Mishra Crying Video: दतिया उपचुनाव में टिकट कटने के बाद मंच पर फूट-फूटकर रोए भाजपा के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा। नरोत्तम मिश्रा का टिकट अचानक कटने से उनके समर्थकों में भारी आक्रोश था।
- Written By: अमन मौर्या
Narottam Mishra Datia By Election News: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव और भाजपा के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तीन महीने से दतिया में चुनाव प्रचार कर रहे नरोत्तम मिश्रा का टिकट अचानक कटने से उनके समर्थकों में भारी आक्रोश था, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने 11 घंटे तक चक्काजाम किया और पुलिस की लाठियां भी खाईं। हालांकि, डैमेज कंट्रोल के तहत मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद नरोत्तम मिश्रा को चार्टर प्लेन से दतिया लाए, जहां वे भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के मंच पर पहुंचे।
इस दौरान मंच पर नरोत्तम मिश्रा अपने टिकट कटने के दर्द के कारण फूट-फूटकर रो पड़े। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नरोत्तम मिश्रा जैसे ‘बाहुबली’ और ‘हिंदू सम्राट’ की छवि वाले नेता के इन आंसुओं की भारी राजनीतिक कीमत भाजपा को चुकानी पड़ सकती है, क्योंकि कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह भी नरोत्तम के चुनावी मैनेजमेंट को सबसे बड़ी चुनौती मानते थे। देखें नवभारत लाइव की रिपोर्ट
Narottam Mishra Datia By Election News: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव और भाजपा के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तीन महीने से दतिया में चुनाव प्रचार कर रहे नरोत्तम मिश्रा का टिकट अचानक कटने से उनके समर्थकों में भारी आक्रोश था, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने 11 घंटे तक चक्काजाम किया और पुलिस की लाठियां भी खाईं। हालांकि, डैमेज कंट्रोल के तहत मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद नरोत्तम मिश्रा को चार्टर प्लेन से दतिया लाए, जहां वे भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के मंच पर पहुंचे।
इस दौरान मंच पर नरोत्तम मिश्रा अपने टिकट कटने के दर्द के कारण फूट-फूटकर रो पड़े। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नरोत्तम मिश्रा जैसे ‘बाहुबली’ और ‘हिंदू सम्राट’ की छवि वाले नेता के इन आंसुओं की भारी राजनीतिक कीमत भाजपा को चुकानी पड़ सकती है, क्योंकि कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह भी नरोत्तम के चुनावी मैनेजमेंट को सबसे बड़ी चुनौती मानते थे। देखें नवभारत लाइव की रिपोर्ट
