किसान बेहाल, फसलें कंकाल…उज्जैन में 15 दिनों से रूठे इंद्रदेव; अब महाकाल का सहारा, देखें VIDEO
Ujjain Farmers Soybean Crop: मध्य प्रदेश के उज्जैन में बारिश न होने से खेतों में सोयाबीन की फसल सूखने लगी है। भारी लागत लगाने के बाद अब किसान भगवान भरोसे हैं।
- Written By: अमन मौर्या
Madhya Pradesh Monsoon Crisis: मध्य प्रदेश के उज्जैन में बारिश न होने से किसानों के सामने एक बार फिर से आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। पिछले 12 से 15 दिनों से क्षेत्र में बारिश नहीं होने से किसानों की सोयाबीन की फसलें खेतों में ही मुरझाने लगी हैं। तेज गर्मी और सूखे के कारण फसलों पर तेजी से इल्लियों का प्रकोप बढ़ रहा है। किसानों का कहना है कि भारी खर्च उठाकर उन्होंने 15,000 से 25,000 रुपये प्रति क्विंटल तक का सोयाबीन का बीज खरीदकर बुवाई की थी।
खाद, बीज और कीटनाशकों पर मोटी लागत लगाने के बाद अब फसल पूरी तरह सूखने की कगार पर है, इससे किसानों में मायूसी और भारी चिंता का माहौल है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, जून-जुलाई में अच्छी शुरुआत के बाद बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र बनने से राहत की उम्मीद है।
Madhya Pradesh Monsoon Crisis: मध्य प्रदेश के उज्जैन में बारिश न होने से किसानों के सामने एक बार फिर से आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। पिछले 12 से 15 दिनों से क्षेत्र में बारिश नहीं होने से किसानों की सोयाबीन की फसलें खेतों में ही मुरझाने लगी हैं। तेज गर्मी और सूखे के कारण फसलों पर तेजी से इल्लियों का प्रकोप बढ़ रहा है। किसानों का कहना है कि भारी खर्च उठाकर उन्होंने 15,000 से 25,000 रुपये प्रति क्विंटल तक का सोयाबीन का बीज खरीदकर बुवाई की थी।
खाद, बीज और कीटनाशकों पर मोटी लागत लगाने के बाद अब फसल पूरी तरह सूखने की कगार पर है, इससे किसानों में मायूसी और भारी चिंता का माहौल है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, जून-जुलाई में अच्छी शुरुआत के बाद बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र बनने से राहत की उम्मीद है।
