वीडियो: ‘भारत के दुश्मनों को ठिकाने लगाती है चंबल की धरती’, ऐसा क्यों बोले MP के सीएम मोहन यादव?
भिंड में एक रैली को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारी सेनाओ ने पराक्रम और पुरुषार्थ की नई गाथा लिखी है।
- Written By: अभिषेक सिंह
भिंड: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को भिंड के लहार पहुंचे। यहां उन्होंने 17 करोड़ 71 लाख रूपये लागत की 50 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया। रैली को संबोधित करते हुए मोहन यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारी सेनाओ ने पराक्रम और पुरुषार्थ की नई गाथा लिखी है। इस दौरान उन्होंने कहा कि भिंड, ग्वालियर और चंबल क्षेत्र के हर घर में या तो सेना का जवान या फिर किसान मिलता है। उन्होंने कहा कि वो कोई और होंगे जो बंदूक की गोली और तोप के धमाके से डर जाते होंगे, हमारे बीहड़ के जवान बड़ी से बड़ी तोप के आगे सीना तानकर अड़ जाते हैं। इस दौरान मोहन यादव ने यह भी कहा कि हजारों साल से हमारी यह चंबल की धरती भारत के दुश्मनों को ठिकाने लगाती आई है। यह रिकॉर्ड रहा है। तमाम कठिनाइयों के बावजूद देश और भारत माता की जय-जयकार में देश के बाकी राज्यों के सैनिकों के साथ चंबल के सैनिक भी सीमा पर सीना तानकर खड़े हैं, हमें इस बात का गर्व है।
भिंड: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को भिंड के लहार पहुंचे। यहां उन्होंने 17 करोड़ 71 लाख रूपये लागत की 50 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया। रैली को संबोधित करते हुए मोहन यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारी सेनाओ ने पराक्रम और पुरुषार्थ की नई गाथा लिखी है। इस दौरान उन्होंने कहा कि भिंड, ग्वालियर और चंबल क्षेत्र के हर घर में या तो सेना का जवान या फिर किसान मिलता है। उन्होंने कहा कि वो कोई और होंगे जो बंदूक की गोली और तोप के धमाके से डर जाते होंगे, हमारे बीहड़ के जवान बड़ी से बड़ी तोप के आगे सीना तानकर अड़ जाते हैं। इस दौरान मोहन यादव ने यह भी कहा कि हजारों साल से हमारी यह चंबल की धरती भारत के दुश्मनों को ठिकाने लगाती आई है। यह रिकॉर्ड रहा है। तमाम कठिनाइयों के बावजूद देश और भारत माता की जय-जयकार में देश के बाकी राज्यों के सैनिकों के साथ चंबल के सैनिक भी सीमा पर सीना तानकर खड़े हैं, हमें इस बात का गर्व है।
