होइहि सोई जो राम…हिंदू राष्ट्र की मांग पर मुरारी बापू का बड़ा बयान, कहा- परमात्मा के सामर्थ्य से कुछ भी संभव
Morari Bapu Statement On Hindu Rashtra: बापू ने समाज में फैल रही नफरत, द्वेष, ईर्ष्या और निंदा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नकारात्मक भावनाएं व्यक्ति की आंतरिक और वैश्विक प्रगति रोकती हैं।
- Written By: अमन मौर्या
Morari Bapu Statement: प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू ने समाज में बढ़ती नफरत और हिंदू राष्ट्र की मांग पर अपनी स्पष्ट राय साझा की है। उन्होंने रामचरितमानस की चौपाई होइहि सोई जो राम रचि राखा का उद्धरण देते हुए कहा कि जो ईश्वर ने तय किया है, वही होगा और परमात्मा के सामर्थ्य से कुछ भी संभव है। बापू ने समाज में फैल रही नफरत, द्वेष, ईर्ष्या और निंदा पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार, ये नकारात्मक भावनाएं न केवल व्यक्ति की आंतरिक प्रगति को रोकती हैं, बल्कि वैश्विक विकास में भी बड़ी बाधा हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें इन बुराइयों से बाहर निकलकर शुभ विचारों की स्थापना करनी होगी। मानस सुख तीर्थ के प्रेम यज्ञ के माध्यम से उन्होंने प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। बापू ने मीडिया के सकारात्मक योगदान की भी सराहना की और कहा कि समाज को वैमनस्य त्याग कर एकजुटता के मार्ग पर चलना चाहिए।
Morari Bapu Statement: प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू ने समाज में बढ़ती नफरत और हिंदू राष्ट्र की मांग पर अपनी स्पष्ट राय साझा की है। उन्होंने रामचरितमानस की चौपाई होइहि सोई जो राम रचि राखा का उद्धरण देते हुए कहा कि जो ईश्वर ने तय किया है, वही होगा और परमात्मा के सामर्थ्य से कुछ भी संभव है। बापू ने समाज में फैल रही नफरत, द्वेष, ईर्ष्या और निंदा पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार, ये नकारात्मक भावनाएं न केवल व्यक्ति की आंतरिक प्रगति को रोकती हैं, बल्कि वैश्विक विकास में भी बड़ी बाधा हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें इन बुराइयों से बाहर निकलकर शुभ विचारों की स्थापना करनी होगी। मानस सुख तीर्थ के प्रेम यज्ञ के माध्यम से उन्होंने प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। बापू ने मीडिया के सकारात्मक योगदान की भी सराहना की और कहा कि समाज को वैमनस्य त्याग कर एकजुटता के मार्ग पर चलना चाहिए।
