Mehbooba Mufti on India-Iran Relations: पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक संबंधों पर जोर देते हुए कश्मीर को ‘ईरान-ए-सगीर’ (छोटा ईरान) करार दिया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर का इस्लाम और संस्कृति ईरान के रास्ते ही आए हैं, इसलिए वहाँ के प्रति कश्मीरी लोगों का गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। महबूबा ने वर्तमान संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसका संदेश अच्छा नहीं गया। उन्होंने बताया कि कश्मीर के लोग ईरान की मदद के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं और अपनी सामर्थ्य अनुसार जेवर और बर्तन तक दान कर रहे हैं। महबूबा मुफ्ती ने वैश्विक जंग के कारण बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में चल रहे संघर्ष से पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतें बढ़ रही हैं, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। इसके अलावा, उन्होंने जम्मू-कश्मीर की आंतरिक राजनीति पर बोलते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस और भाजपा दोनों को विफल बताया। महबूबा ने दूरदराज के इलाकों जैसे चिनाब वैली और पीर पंजाल के लिए ‘हिल डिस्ट्रिक्ट’ और नए डिवीजन बनाने की मांग की है, ताकि प्रशासन आम लोगों के करीब पहुँच सके और उनकी मुश्किलें आसान हों।
Mehbooba Mufti on India-Iran Relations: पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक संबंधों पर जोर देते हुए कश्मीर को ‘ईरान-ए-सगीर’ (छोटा ईरान) करार दिया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर का इस्लाम और संस्कृति ईरान के रास्ते ही आए हैं, इसलिए वहाँ के प्रति कश्मीरी लोगों का गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। महबूबा ने वर्तमान संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसका संदेश अच्छा नहीं गया। उन्होंने बताया कि कश्मीर के लोग ईरान की मदद के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं और अपनी सामर्थ्य अनुसार जेवर और बर्तन तक दान कर रहे हैं। महबूबा मुफ्ती ने वैश्विक जंग के कारण बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में चल रहे संघर्ष से पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतें बढ़ रही हैं, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। इसके अलावा, उन्होंने जम्मू-कश्मीर की आंतरिक राजनीति पर बोलते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस और भाजपा दोनों को विफल बताया। महबूबा ने दूरदराज के इलाकों जैसे चिनाब वैली और पीर पंजाल के लिए ‘हिल डिस्ट्रिक्ट’ और नए डिवीजन बनाने की मांग की है, ताकि प्रशासन आम लोगों के करीब पहुँच सके और उनकी मुश्किलें आसान हों।