सुप्रीम कोर्ट के आदेश से मचा हड़कंप, मेरठ में शिक्षकों और डॉक्टरों का बड़ा प्रदर्शन-VIDEO
Meerut Shastri Nagar: सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट के 44 अवैध परिसरों को 15 दिन में गिराने का आदेश दिया। स्कूल और अस्पताल संचालकों ने विरोध प्रदर्शन किया।
- Written By: वंदना शर्मा
मेरठ के शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक सख्त आदेश जारी किया है। अदालत ने 44 सील परिसरों को अवैध घोषित करते हुए उन्हें 15 दिनों के भीतर स्वयं ध्वस्त करने का निर्देश दिया है। यदि ऐसा नहीं होता है, तो प्रशासन द्वारा बुल्डोजर कार्रवाई की जाएगी और उसका खर्च भी भवन मालिकों से वसूला जाएगा।
इस आदेश से 44 व्यावसायिक संपत्तियाँ प्रभावित हैं, जिनमें छह बड़े स्कूल और छह नामी अस्पताल शामिल हैं। 14 जुलाई को आए इस फैसले के बाद, शनिवार को सैकड़ों स्कूल संचालकों, शिक्षकों और डॉक्टरों ने मेरठ कमिश्नरी कार्यालय के बाहर भारी प्रदर्शन किया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर प्रशासन को कमिश्नरी का गेट बंद करना पड़ा।
ऑल इंडिया स्कूल लीडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कवलजीत सिंह ने बताया कि वे 21 सितंबर से पहले संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करना चाहते हैं। उनकी मांग है कि जब तक वे अगली बेंच या उच्च अधिकारियों के पास अपील न कर लें, तब तक किसी भी तरह की तोड़फोड़ या सीलिंग की कार्रवाई न की जाए । प्रदर्शनकारियों को सरकार पर भरोसा है और वे उम्मीद कर रहे हैं कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय दिया जाएगा ताकि वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके । इस वीडियो को पूरा देखें…
मेरठ के शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक सख्त आदेश जारी किया है। अदालत ने 44 सील परिसरों को अवैध घोषित करते हुए उन्हें 15 दिनों के भीतर स्वयं ध्वस्त करने का निर्देश दिया है। यदि ऐसा नहीं होता है, तो प्रशासन द्वारा बुल्डोजर कार्रवाई की जाएगी और उसका खर्च भी भवन मालिकों से वसूला जाएगा।
इस आदेश से 44 व्यावसायिक संपत्तियाँ प्रभावित हैं, जिनमें छह बड़े स्कूल और छह नामी अस्पताल शामिल हैं। 14 जुलाई को आए इस फैसले के बाद, शनिवार को सैकड़ों स्कूल संचालकों, शिक्षकों और डॉक्टरों ने मेरठ कमिश्नरी कार्यालय के बाहर भारी प्रदर्शन किया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर प्रशासन को कमिश्नरी का गेट बंद करना पड़ा।
ऑल इंडिया स्कूल लीडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कवलजीत सिंह ने बताया कि वे 21 सितंबर से पहले संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करना चाहते हैं। उनकी मांग है कि जब तक वे अगली बेंच या उच्च अधिकारियों के पास अपील न कर लें, तब तक किसी भी तरह की तोड़फोड़ या सीलिंग की कार्रवाई न की जाए । प्रदर्शनकारियों को सरकार पर भरोसा है और वे उम्मीद कर रहे हैं कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय दिया जाएगा ताकि वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके । इस वीडियो को पूरा देखें…
