मेरठ IPS थप्पड़ कांड: पुलिस वैन में बंद शख्स को सरेआम पीटा, बेइज्जती पर खुदकुशी की कोशिश, VIDEO वायरल
IPS Avinash Pandey Meerut Slap: मेरठ में कस्टडी में बंद वकील को थप्पड़ मारने पर IPS अविनाश विवादों में घिर गए हैं। छात्रा के हत्याकांड को लेकर चल रहे प्रदर्शन के दौरान का यह वीडियो वायरल हो रहा है।
- Written By: अमन मौर्या
Meerut Police Viral Van video: उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिसिया कार्रवाई का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। IPS की कार्रवाई ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बीए की छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर उसके परिजनों के साथ दलित समाज के लोग कलेक्टरेट के पास प्रदर्शन कर रहे थे। इससे भीषण जाम लग गया। स्थिति को काबू करने मेरठ के एसएसपी, 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी अविनाश पांडे स्वयं मौके पर पहुंच गए। वहां पर एसएसपी प्रदर्शनकारियों को खदेड़ते और थप्पड़ मारते नजर आए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
पुलिस वैन के अंदर पहले से हिरासत में बैठे रवि गौतम को एसएसपी लगातार थप्पड़ मारते नजर आए। इस घटना से खुद को रवि गौतम ने अपमानित महसूस किया और वैन के अंदर ही खुदकुशी करने की कोशिश की। इसका वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स इसे पुलिस कार्रवाई की बर्बरता और जातीय भेदभाव बता रहे हैं, वहीं एसएसपी अविनाश पांडे का कहना है कि यह न्याय के लिए प्रदर्शन नहीं था, बल्कि शहर की शांति व्यवस्था को भंग करने की एक सोची-समझी साजिश थी।
Meerut Police Viral Van video: उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिसिया कार्रवाई का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। IPS की कार्रवाई ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बीए की छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर उसके परिजनों के साथ दलित समाज के लोग कलेक्टरेट के पास प्रदर्शन कर रहे थे। इससे भीषण जाम लग गया। स्थिति को काबू करने मेरठ के एसएसपी, 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी अविनाश पांडे स्वयं मौके पर पहुंच गए। वहां पर एसएसपी प्रदर्शनकारियों को खदेड़ते और थप्पड़ मारते नजर आए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
पुलिस वैन के अंदर पहले से हिरासत में बैठे रवि गौतम को एसएसपी लगातार थप्पड़ मारते नजर आए। इस घटना से खुद को रवि गौतम ने अपमानित महसूस किया और वैन के अंदर ही खुदकुशी करने की कोशिश की। इसका वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स इसे पुलिस कार्रवाई की बर्बरता और जातीय भेदभाव बता रहे हैं, वहीं एसएसपी अविनाश पांडे का कहना है कि यह न्याय के लिए प्रदर्शन नहीं था, बल्कि शहर की शांति व्यवस्था को भंग करने की एक सोची-समझी साजिश थी।
