मेरठ के पिता ने पेश की मिसाल, तलाक लेकर घर लौटी बेटी का ढोल-नगाड़ों से स्वागत; जश्न में बदला दुख- VIDEO
Meerut Viral Video: मेरठ में एक पिता ने अपनी बेटी के तलाक पर उसका स्वागत ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ करके समाज को एक सशक्त संदेश दिया है। रिटायर्ड जज की इकलौती बेटी की शादी 2018 में हुई थी
- Written By: मनोज आर्या
Meerut Divorce Celebration Viral Video: मेरठ में एक पिता ने अपनी बेटी के तलाक पर उसका स्वागत ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ करके समाज को एक सशक्त संदेश दिया है। रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा की इकलौती बेटी प्रणीता शर्मा की शादी 2018 में एक आर्मी मेजर से हुई थी, लेकिन ससुराल में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के कारण उन्होंने तलाक लेने का कठिन फैसला किया। 4 अप्रैल 2026 को फैमिली कोर्ट से तलाक मिलने के बाद, उनके पिता और परिवार के सदस्यों ने कचहरी से घर तक जश्न मनाया। परिवार के लोग ‘लव माय डॉटर’ लिखी टी-शर्ट पहनकर झूमते नजर आए और मिठाइयां बांटी गईं। प्रणीता, जो खुद एक ज्यूडिशियल एकेडमी में फाइनेंस डायरेक्टर हैं, ने महिलाओं से अपील की है कि वे प्रताड़ना के खिलाफ चुप न रहें और आत्मनिर्भर बनें। उनके पिता ने स्पष्ट किया कि बेटी कोई सामान नहीं है जिसे दुख में छोड़ दिया जाए; उसकी खुशी और आत्मसम्मान सर्वोपरि है। यह घटना तलाक को कलंक मानने वाली सामाजिक सोच के खिलाफ एक नई क्रांति के रूप में देखी जा रही है।
Meerut Divorce Celebration Viral Video: मेरठ में एक पिता ने अपनी बेटी के तलाक पर उसका स्वागत ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ करके समाज को एक सशक्त संदेश दिया है। रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा की इकलौती बेटी प्रणीता शर्मा की शादी 2018 में एक आर्मी मेजर से हुई थी, लेकिन ससुराल में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के कारण उन्होंने तलाक लेने का कठिन फैसला किया। 4 अप्रैल 2026 को फैमिली कोर्ट से तलाक मिलने के बाद, उनके पिता और परिवार के सदस्यों ने कचहरी से घर तक जश्न मनाया। परिवार के लोग ‘लव माय डॉटर’ लिखी टी-शर्ट पहनकर झूमते नजर आए और मिठाइयां बांटी गईं। प्रणीता, जो खुद एक ज्यूडिशियल एकेडमी में फाइनेंस डायरेक्टर हैं, ने महिलाओं से अपील की है कि वे प्रताड़ना के खिलाफ चुप न रहें और आत्मनिर्भर बनें। उनके पिता ने स्पष्ट किया कि बेटी कोई सामान नहीं है जिसे दुख में छोड़ दिया जाए; उसकी खुशी और आत्मसम्मान सर्वोपरि है। यह घटना तलाक को कलंक मानने वाली सामाजिक सोच के खिलाफ एक नई क्रांति के रूप में देखी जा रही है।
