फरसा लहराने वालों को मेरठ डिप्टी एसपी की सख्त चेतावनी, VIDEO हुआ वायरल; सोशल मीडिया पर हो रही तारीफ
Deputy SP Suchita Singh Meerut: मेरठ की डिप्टी एसपी सुचिता सिंह का फरसा लहराने वालों को सख्त चेतावनी वाला वीडियो वायरल। जानें कौन हैं निडर अफसर सुचिता सिंह और क्या है पूरा मामला।
- Written By: सजल रघुवंशी
Parshuram Jayanti Viral Video Meerut: मेरठ में भगवान परशुराम जन्मोत्सव के दौरान निकाली गई शौर्य यात्रा में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए डिप्टी एसपी सुचिता सिंह ने मिसाल पेश की है। यात्रा के दौरान कुछ युवाओं द्वारा डंडे और फरसे लहराने पर सुचिता सिंह ने माइक संभालकर सख्त लहजे में चेतावनी दी कि सभी की फोटोग्राफी हो रही है और नियम तोड़ने वालों पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उनकी इस निडरता और कर्तव्यनिष्ठा की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। मूल रूप से प्रतापगढ़ की रहने वाली सुचिता सिंह एक शिक्षित और प्रशासनिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आती हैं; उनके पिता एसडीएम रह चुके हैं और उन्होंने स्वयं हिंदू कॉलेज, दिल्ली से पढ़ाई के दौरान गोल्ड मेडल हासिल किया था। ट्रेनिंग के समय भी उन्हें ‘सर्वोच्च कैडर’ का अवार्ड मिला था। हालांकि, सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहाँ एक तरफ लोग उनकी निडर कार्यशैली और कानून के शासन को सर्वोपरि रखने की प्रशंसा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इसे आस्था पर प्रहार मानकर नाराजगी भी जता रहे हैं।
Parshuram Jayanti Viral Video Meerut: मेरठ में भगवान परशुराम जन्मोत्सव के दौरान निकाली गई शौर्य यात्रा में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए डिप्टी एसपी सुचिता सिंह ने मिसाल पेश की है। यात्रा के दौरान कुछ युवाओं द्वारा डंडे और फरसे लहराने पर सुचिता सिंह ने माइक संभालकर सख्त लहजे में चेतावनी दी कि सभी की फोटोग्राफी हो रही है और नियम तोड़ने वालों पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उनकी इस निडरता और कर्तव्यनिष्ठा की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। मूल रूप से प्रतापगढ़ की रहने वाली सुचिता सिंह एक शिक्षित और प्रशासनिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आती हैं; उनके पिता एसडीएम रह चुके हैं और उन्होंने स्वयं हिंदू कॉलेज, दिल्ली से पढ़ाई के दौरान गोल्ड मेडल हासिल किया था। ट्रेनिंग के समय भी उन्हें ‘सर्वोच्च कैडर’ का अवार्ड मिला था। हालांकि, सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहाँ एक तरफ लोग उनकी निडर कार्यशैली और कानून के शासन को सर्वोपरि रखने की प्रशंसा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इसे आस्था पर प्रहार मानकर नाराजगी भी जता रहे हैं।
