लखनऊ-दिल्ली अग्निकांड के बाद MDA की सख्त कार्रवाई, शहर के कई कोचिंग सेंटरों को किया सील- VIDEO
Meerut Coaching Centres: लखनऊ अग्निकांड के बाद मेरठ में सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले कोचिंग सेंटर सील किए जा रहे हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
- Written By: वंदना शर्मा
लखनऊ में हुई अग्निकांड की घटना के बाद मेरठ प्रशासन और मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा कोचिंग सेंटरों पर की गई सख्त कार्यवाही की जा रही है। आपको बता दें कि लखनऊ और दिल्ली में हुई आग की घटनाओं के बाद से मेरठ प्रशासन ने उन सभी कोचिंग सेंटरों को सील करने का अभियान लगातार चलाया है, जो कि सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं कर रहे है। बता दें कि कोचिंग सेंटरों के सील होने से छात्रों की पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही है।
छात्रों का कहना यह है कि वे ऑनलाइन पढ़ाई तो कर रहे हैं, लेकिन ऑफलाइन कक्षाओं में मिलने वाली स्पष्टता और शिक्षकों के साथ सीधे संवाद की कमी खल रही है। बच्चों के अभिभावकों का मानना यह है कि पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। वे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि वैध और सुरक्षित कोचिंग सेंटरों को फिर से शुरू करने के लिए कोई ठोस निर्णय लिया जाए।
मेरठ विकास प्राधिकरण सचिव संजय मीणा ने अपनी बात में स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा सरकार के लिए सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन और कोचिंग संचालकों के बीच अब तक हुई बातचीत अभी तक कोई समाधान नहीं निकाल सकी है। यह खबर पूरी जाननें के लिए इस वीडियो को पूरा देखें…
लखनऊ में हुई अग्निकांड की घटना के बाद मेरठ प्रशासन और मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा कोचिंग सेंटरों पर की गई सख्त कार्यवाही की जा रही है। आपको बता दें कि लखनऊ और दिल्ली में हुई आग की घटनाओं के बाद से मेरठ प्रशासन ने उन सभी कोचिंग सेंटरों को सील करने का अभियान लगातार चलाया है, जो कि सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं कर रहे है। बता दें कि कोचिंग सेंटरों के सील होने से छात्रों की पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही है।
छात्रों का कहना यह है कि वे ऑनलाइन पढ़ाई तो कर रहे हैं, लेकिन ऑफलाइन कक्षाओं में मिलने वाली स्पष्टता और शिक्षकों के साथ सीधे संवाद की कमी खल रही है। बच्चों के अभिभावकों का मानना यह है कि पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। वे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि वैध और सुरक्षित कोचिंग सेंटरों को फिर से शुरू करने के लिए कोई ठोस निर्णय लिया जाए।
मेरठ विकास प्राधिकरण सचिव संजय मीणा ने अपनी बात में स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा सरकार के लिए सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन और कोचिंग संचालकों के बीच अब तक हुई बातचीत अभी तक कोई समाधान नहीं निकाल सकी है। यह खबर पूरी जाननें के लिए इस वीडियो को पूरा देखें…
