सुवेंदु अधिकारी के CM बनने पर मौलाना रजवी ने बांग्लादेश को दिखाया आईना, कहा- जम्हूरियत हमारा निजी मामला
Maulana Shahabuddin Razvi Statement: सुवेंदु अधिकारी के बंगाल CM बनने पर मौलाना रजवी ने दी खास सलाह। साथ ही उन्होंने बांग्लादेश को चेतावनी देते हुए मुसलमानों को एकता की नसीहत दी है।
- Written By: अमन मौर्या
Maulana Shahabuddin Razvi On Bengal Election: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने और सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सुवेंदु अधिकारी को सलाह दी कि वे अब एक संवैधानिक पद पर हैं, इसलिए उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र पर चलते हुए सभी समुदायों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। मौलाना रजवी ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री केवल वोट देने वालों के नहीं, बल्कि पूरी जनता के प्रतिनिधि होते हैं। साथ ही उन्होंने बांग्लादेश के कट्टरपंथियों को कड़ी चेतावनी दी कि वे भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बंगाल के चुनाव और यहां की जम्हूरियत हमारा निजी मामला है और बाहरी ताकतों का दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नासिक के TCS वाले मामले में निदा खान पर लगे धर्मांतरण के आरोपों पर जांच की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि इस्लाम में दबाव या लालच देकर धर्म परिवर्तन की कोई जगह नहीं है।
Maulana Shahabuddin Razvi On Bengal Election: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने और सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सुवेंदु अधिकारी को सलाह दी कि वे अब एक संवैधानिक पद पर हैं, इसलिए उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र पर चलते हुए सभी समुदायों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। मौलाना रजवी ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री केवल वोट देने वालों के नहीं, बल्कि पूरी जनता के प्रतिनिधि होते हैं। साथ ही उन्होंने बांग्लादेश के कट्टरपंथियों को कड़ी चेतावनी दी कि वे भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बंगाल के चुनाव और यहां की जम्हूरियत हमारा निजी मामला है और बाहरी ताकतों का दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नासिक के TCS वाले मामले में निदा खान पर लगे धर्मांतरण के आरोपों पर जांच की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि इस्लाम में दबाव या लालच देकर धर्म परिवर्तन की कोई जगह नहीं है।
