सीएम योगी की मां पर अभद्र टिप्पणी करने वाला मौलाना गिरफ्तार, यूपी एसटीएफ ने बिहार से दबोचा- VIDEO
Maulana Abdul Salim: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी माताजी के खिलाफ बेहद अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मौलाना अब्दुल सलीम को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
- Written By: मनोज आर्या
Maulana Abdul Salim Arrested: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी माताजी के खिलाफ बेहद अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मौलाना अब्दुल सलीम को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बिहार के भागलपुर से ताल्लुक रखने वाले इस मौलाना का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उसने मुख्यमंत्री के परिवार के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था। इस मामले में बहराइच में एफआईआर दर्ज होने के बाद एसटीएफ ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी को बिहार से धर दबोचा। मंगलवार को जब उसे बहराइच की अदालत में पेश किया गया, तो पुलिस कस्टडी में मौलाना लंगड़ाता हुआ नजर आया। गिरफ्तारी के बाद मौलाना ने हाथ जोड़कर अपनी गलती स्वीकार की और मुख्यमंत्री सहित देशवासियों से माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाली बयानबाजी न करने की कसम खाई। पुलिस अब इस मामले में कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस विवादित भाषण के पीछे किसी बड़े संगठन की साजिश तो नहीं थी।
Maulana Abdul Salim Arrested: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी माताजी के खिलाफ बेहद अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मौलाना अब्दुल सलीम को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बिहार के भागलपुर से ताल्लुक रखने वाले इस मौलाना का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उसने मुख्यमंत्री के परिवार के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था। इस मामले में बहराइच में एफआईआर दर्ज होने के बाद एसटीएफ ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी को बिहार से धर दबोचा। मंगलवार को जब उसे बहराइच की अदालत में पेश किया गया, तो पुलिस कस्टडी में मौलाना लंगड़ाता हुआ नजर आया। गिरफ्तारी के बाद मौलाना ने हाथ जोड़कर अपनी गलती स्वीकार की और मुख्यमंत्री सहित देशवासियों से माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाली बयानबाजी न करने की कसम खाई। पुलिस अब इस मामले में कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस विवादित भाषण के पीछे किसी बड़े संगठन की साजिश तो नहीं थी।
