Rule Changes from 1 April 2026: नया वित्त वर्ष 2026 शुरू होते ही 1 अप्रैल से देश के आम आदमी की जेब और दैनिक जीवन पर सीधा असर डालने वाले कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। सबसे प्रमुख बदलाव आयकर के क्षेत्र में है, जहां नया आयकर कानून 1961 के पुराने कानून की जगह लेगा। इसके तहत आईटीआर फाइलिंग की तारीख 31 अगस्त कर दी गई है और असेसमेंट ईयर के स्थान पर अब ‘टैक्स ईयर’ शब्द का प्रयोग होगा। पैन कार्ड के नियमों में भी कड़ाई की गई है; अब ₹10 लाख से अधिक के लेनदेन और ₹5 लाख से महंगी गाड़ी खरीदने पर पैन कार्ड अनिवार्य होगा। साथ ही, पैन कार्ड के लिए जन्म तिथि के प्रमाण के तौर पर केवल आधार मान्य नहीं होगा, बल्कि पासपोर्ट या 10वीं का सर्टिफिकेट जरूरी होगा। अन्य बदलावों में ट्रेन टिकट कैंसिलेशन के नियम सख्त किए गए हैं, जहां ट्रेन खुलने के 8 घंटे से कम समय पर कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। एटीएम से यूपीआई के जरिए कैश निकालना अब फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट का हिस्सा होगा, जिससे सीमा खत्म होने पर अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए नए लेबर कोड के तहत बेसिक सैलरी कुल सीटीसी का कम से कम 50% होना अनिवार्य होगा, जिससे पीएफ और ग्रेच्युटी बढ़ेगी। डिजिटल सुरक्षा के लिए टू-लेयर ऑथेंटिकेशन लागू किया जाएगा और तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के आधार पर एलपीजी सिलेंडर के नए रेट्स जारी करेंगी।
Rule Changes from 1 April 2026: नया वित्त वर्ष 2026 शुरू होते ही 1 अप्रैल से देश के आम आदमी की जेब और दैनिक जीवन पर सीधा असर डालने वाले कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। सबसे प्रमुख बदलाव आयकर के क्षेत्र में है, जहां नया आयकर कानून 1961 के पुराने कानून की जगह लेगा। इसके तहत आईटीआर फाइलिंग की तारीख 31 अगस्त कर दी गई है और असेसमेंट ईयर के स्थान पर अब ‘टैक्स ईयर’ शब्द का प्रयोग होगा। पैन कार्ड के नियमों में भी कड़ाई की गई है; अब ₹10 लाख से अधिक के लेनदेन और ₹5 लाख से महंगी गाड़ी खरीदने पर पैन कार्ड अनिवार्य होगा। साथ ही, पैन कार्ड के लिए जन्म तिथि के प्रमाण के तौर पर केवल आधार मान्य नहीं होगा, बल्कि पासपोर्ट या 10वीं का सर्टिफिकेट जरूरी होगा। अन्य बदलावों में ट्रेन टिकट कैंसिलेशन के नियम सख्त किए गए हैं, जहां ट्रेन खुलने के 8 घंटे से कम समय पर कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। एटीएम से यूपीआई के जरिए कैश निकालना अब फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट का हिस्सा होगा, जिससे सीमा खत्म होने पर अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए नए लेबर कोड के तहत बेसिक सैलरी कुल सीटीसी का कम से कम 50% होना अनिवार्य होगा, जिससे पीएफ और ग्रेच्युटी बढ़ेगी। डिजिटल सुरक्षा के लिए टू-लेयर ऑथेंटिकेशन लागू किया जाएगा और तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के आधार पर एलपीजी सिलेंडर के नए रेट्स जारी करेंगी।