हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल: जब 86 साल के मुरलीधर सड़क पर गिरे, तो ‘भाई’ बनकर आए इशहाक खान
Viral Video Mahoba: महोबा में दिखी इंसानियत की मिसाल, बेहोश होकर गिरे हिंदू दोस्त को मुस्लिम शख्स ने गोद में उठाकर पहुंचाया अस्पताल। नफरत के दौर में भाईचारे की बेमिसाल कहानी।
- Written By: सजल रघुवंशी
Mahoba Hindu Muslim Unity Viral Video: उत्तर प्रदेश के महोबा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो साबित करती है कि इंसानियत का कोई मजहब नहीं होता। 86 वर्षीय मुरलीधर तिवारी जब सड़क पर पैर में कांच लगने और अत्यधिक खून बहने के कारण बेहोश होकर गिर पड़े, तो भीड़ तमाशबीन बनी रही। ऐसे समय में उनके 10 साल पुराने दोस्त इशहाक खान फरिश्ता बनकर पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए अपने दोस्त को गोद में उठाया और बाइक से जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल में उन्होंने खुद तीमारदार बनकर मुरलीधर का इलाज करवाया, उनके पैर की पट्टी बंधवाई और उन्हें अपने हाथों से चप्पल पहनाई। पिछले एक दशक से पड़ोसी रहे इन दोनों दोस्तों के बीच धर्म कभी दीवार नहीं बना। इशहाक खान का कहना है कि वे मुरलीधर को अपने बड़े भाई की तरह मानते हैं और असली हिंदुस्तान वही है जहां लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में खड़े हों। यह कहानी आज के दौर में नफरत के खिलाफ प्रेम और सांप्रदायिक सद्भाव का एक सशक्त संदेश देती है।
Mahoba Hindu Muslim Unity Viral Video: उत्तर प्रदेश के महोबा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो साबित करती है कि इंसानियत का कोई मजहब नहीं होता। 86 वर्षीय मुरलीधर तिवारी जब सड़क पर पैर में कांच लगने और अत्यधिक खून बहने के कारण बेहोश होकर गिर पड़े, तो भीड़ तमाशबीन बनी रही। ऐसे समय में उनके 10 साल पुराने दोस्त इशहाक खान फरिश्ता बनकर पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए अपने दोस्त को गोद में उठाया और बाइक से जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल में उन्होंने खुद तीमारदार बनकर मुरलीधर का इलाज करवाया, उनके पैर की पट्टी बंधवाई और उन्हें अपने हाथों से चप्पल पहनाई। पिछले एक दशक से पड़ोसी रहे इन दोनों दोस्तों के बीच धर्म कभी दीवार नहीं बना। इशहाक खान का कहना है कि वे मुरलीधर को अपने बड़े भाई की तरह मानते हैं और असली हिंदुस्तान वही है जहां लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में खड़े हों। यह कहानी आज के दौर में नफरत के खिलाफ प्रेम और सांप्रदायिक सद्भाव का एक सशक्त संदेश देती है।
