Lucknow Police Viral Video: लखनऊ के एक रेस्टोरेंट में अपने परिवार के साथ खाना खा रहे एक युवक को यूपी पुलिस द्वारा बिना कारण बताए जबरन हिरासत में लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सादी वर्दी में आए पुलिसकर्मी युवक को घसीटते हुए ले जाते दिख रहे हैं, जबकि उसकी पत्नी और छोटा बच्चा रोते-बिलखते हुए बार-बार गिरफ्तारी का कारण पूछ रहे हैं। पुलिसकर्मियों ने युवक की एक न सुनी और उसे “प्यार से चलने” की धमकी देते हुए ले गए। यह घटना सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2025 के उस ऐतिहासिक फैसले का खुला उल्लंघन मानी जा रही है, जिसमें अदालत ने अनिवार्य किया था कि पुलिस को गिरफ्तारी के समय आरोपी को लिखित में कारण देना होगा और उसके परिवार को सूचित करना होगा। इस वीडियो ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या पुलिस के पास बिना कारण बताए किसी को भी इस तरह अपमानित कर ले जाने का अधिकार है। पुलिस की इस छवि से जनता में रोष है और सोशल मीडिया पर इस “वर्दी वाली गुंडागर्दी” की तीखी आलोचना हो रही है।
Lucknow Police Viral Video: लखनऊ के एक रेस्टोरेंट में अपने परिवार के साथ खाना खा रहे एक युवक को यूपी पुलिस द्वारा बिना कारण बताए जबरन हिरासत में लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सादी वर्दी में आए पुलिसकर्मी युवक को घसीटते हुए ले जाते दिख रहे हैं, जबकि उसकी पत्नी और छोटा बच्चा रोते-बिलखते हुए बार-बार गिरफ्तारी का कारण पूछ रहे हैं। पुलिसकर्मियों ने युवक की एक न सुनी और उसे “प्यार से चलने” की धमकी देते हुए ले गए। यह घटना सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2025 के उस ऐतिहासिक फैसले का खुला उल्लंघन मानी जा रही है, जिसमें अदालत ने अनिवार्य किया था कि पुलिस को गिरफ्तारी के समय आरोपी को लिखित में कारण देना होगा और उसके परिवार को सूचित करना होगा। इस वीडियो ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या पुलिस के पास बिना कारण बताए किसी को भी इस तरह अपमानित कर ले जाने का अधिकार है। पुलिस की इस छवि से जनता में रोष है और सोशल मीडिया पर इस “वर्दी वाली गुंडागर्दी” की तीखी आलोचना हो रही है।