पापा बचा लो, यहां आग लग गई है…पिता से बेटे की अंतिम पुकार, लखनऊ अग्निकांड की रुला देने वाली कहानी- VIDEO
Lucknow Fire: बेटे को खोने के गम में मां किरण कौर का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे सदमे में हैं। परिवार के लिए यह हादसा ऐसी पीड़ा बन गया है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
Lucknow Fire Tragedy: ‘पापा बचा लो, यहां आग लग गई है…’ 24 वर्षीय सुखमनी फोन पर कांपती आवाज में इतना ही कह सका और देखते ही देखते एक खुशहाल परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। आलमबाग बस अड्डे के पास रहने वाले सरकारी कर्मचारी प्रभुजोत सिंह का बेटा सुखमनी पिछले चार वर्षों से अलीगंज की उसी इमारत में स्थित संस्थान में काम करता था, जहां भीषण आग लगने की घटना हुई।
दुखी पिता प्रभुजोत सिंह ने बताया कि दोपहर करीब 2:30 बजे उनके बेटे का फोन आया था। फोन पर उसकी घबराई हुई आवाज और चीख सुनते ही उनके हाथ-पांव फूल गए। वह तुरंत अपना दफ्तर छोड़कर अलीगंज स्थित घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन वहां पहुंचने तक बहुत देर हो चुकी थी। आग ने सब कुछ अपनी चपेट में ले लिया था।
Lucknow Fire Tragedy: ‘पापा बचा लो, यहां आग लग गई है…’ 24 वर्षीय सुखमनी फोन पर कांपती आवाज में इतना ही कह सका और देखते ही देखते एक खुशहाल परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। आलमबाग बस अड्डे के पास रहने वाले सरकारी कर्मचारी प्रभुजोत सिंह का बेटा सुखमनी पिछले चार वर्षों से अलीगंज की उसी इमारत में स्थित संस्थान में काम करता था, जहां भीषण आग लगने की घटना हुई।
दुखी पिता प्रभुजोत सिंह ने बताया कि दोपहर करीब 2:30 बजे उनके बेटे का फोन आया था। फोन पर उसकी घबराई हुई आवाज और चीख सुनते ही उनके हाथ-पांव फूल गए। वह तुरंत अपना दफ्तर छोड़कर अलीगंज स्थित घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन वहां पहुंचने तक बहुत देर हो चुकी थी। आग ने सब कुछ अपनी चपेट में ले लिया था।
