Nagupr Municipal Election: नागपुर में महानगर पालिका चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है। इसी बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या महिलाएं इस चुनाव में लाड़की बहन योजना को देखकर मतदान करेंगी या फिर उम्मीदवार के काम और चरित्र को प्राथमिकता देंगी। नवभारत लाइव की टीम ने नागपुर की महिलाओं से बात की, जहां राय बंटी हुई नजर आई। कुछ महिलाओं ने साफ कहा कि उन्हें ₹1500 की आर्थिक सहायता मिल रही है और अगर यह योजना जारी रहती है तो वे उसी आधार पर वोट करेंगी। कई महिलाओं का कहना था कि “पैसे मिल रहे हैं, इसलिए समर्थन उधर जा रहा है।” वहीं कुछ ने दावा किया कि 14 जनवरी तक अगली किस्त आने की उम्मीद है। लेकिन बड़ी संख्या में महिलाएं ऐसी भी दिखीं जिन्होंने सुरक्षा को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। उनका कहना है कि आज के दौर में छोटी बच्चियां तक सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन बलात्कार और छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं दिखती। महिलाओं ने यह भी सवाल उठाया कि सिर्फ पैसे देना काफी नहीं, सुरक्षा, रोजगार और सम्मान ज्यादा जरूरी है।
Nagupr Municipal Election: नागपुर में महानगर पालिका चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है। इसी बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या महिलाएं इस चुनाव में लाड़की बहन योजना को देखकर मतदान करेंगी या फिर उम्मीदवार के काम और चरित्र को प्राथमिकता देंगी। नवभारत लाइव की टीम ने नागपुर की महिलाओं से बात की, जहां राय बंटी हुई नजर आई। कुछ महिलाओं ने साफ कहा कि उन्हें ₹1500 की आर्थिक सहायता मिल रही है और अगर यह योजना जारी रहती है तो वे उसी आधार पर वोट करेंगी। कई महिलाओं का कहना था कि “पैसे मिल रहे हैं, इसलिए समर्थन उधर जा रहा है।” वहीं कुछ ने दावा किया कि 14 जनवरी तक अगली किस्त आने की उम्मीद है। लेकिन बड़ी संख्या में महिलाएं ऐसी भी दिखीं जिन्होंने सुरक्षा को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। उनका कहना है कि आज के दौर में छोटी बच्चियां तक सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन बलात्कार और छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं दिखती। महिलाओं ने यह भी सवाल उठाया कि सिर्फ पैसे देना काफी नहीं, सुरक्षा, रोजगार और सम्मान ज्यादा जरूरी है।