GI टैग के बावजूद संकट में है कोल्हापुर का गुड़ उद्योग, क्या है व्यापारियों का दर्द
कोल्हापुरी चप्पल के साथ कोल्हापुर का गुड़ भी दुनिया भर में प्रसिद्ध है, अच्छे स्वाद वाले गुड़ उद्योग को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
- Written By: विजय कुमार तिवारी
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कोल्हापुर के गुड़ की भी चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि जीआई टैग मिल जाने के बावजूद कोल्हापुर के गुड़ को तमाम तरह के संकटों का सामना करना पड़ रहा है। गुड़ के व्यापार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि पिछले 10 सालों में गन्ने का भाव तो बढ़ा, लेकिन गुड़ की कीमतों में कोई इजाफा नहीं हुआ, जिसके चलते इस उद्योग पर मार पड़ी है.. और धीरे-धीरे गुड़ उद्योग की इकाइयां खत्म होती जा रही हैं। अगर गुड़ के इस प्रतिष्ठित उद्योग को बचाना है तो सरकार को इस पर ध्यान देना होगा और इस पर लगाई गई जीएसटी को भी खत्म करने की कोशिश करनी होगी।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कोल्हापुर के गुड़ की भी चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि जीआई टैग मिल जाने के बावजूद कोल्हापुर के गुड़ को तमाम तरह के संकटों का सामना करना पड़ रहा है। गुड़ के व्यापार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि पिछले 10 सालों में गन्ने का भाव तो बढ़ा, लेकिन गुड़ की कीमतों में कोई इजाफा नहीं हुआ, जिसके चलते इस उद्योग पर मार पड़ी है.. और धीरे-धीरे गुड़ उद्योग की इकाइयां खत्म होती जा रही हैं। अगर गुड़ के इस प्रतिष्ठित उद्योग को बचाना है तो सरकार को इस पर ध्यान देना होगा और इस पर लगाई गई जीएसटी को भी खत्म करने की कोशिश करनी होगी।
