‘वीडियो नहीं, संसद में जवाब दें PM’—नीट विवाद पर खड़गे का तीखा पलटवार (VIDEO)
NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को संसद में जवाब देने की चुनौती दी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
- Written By: वंदना शर्मा
Mallikarjun Kharge Attacks: नीट पेपर लीक के मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा पलटवार किया है। खड़गे ने जोर देकर कहा कि अगर प्रधानमंत्री को इस गंभीर मुद्दे पर कुछ कहना है, तो उन्हें इसे संसद के पटल पर बोलना चाहिए, न कि वीडियो संदेश के माध्यम से। उन्होंने ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि केवल शिक्षा मंत्रालय के सचिवों को हटाने से काम नहीं चलेगा, जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री को बर्खास्त किया जाना चाहिए।
आपको बता दें कि उन्होंने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इंटरनेट बंदी और भ्रामक प्रचार के जरिए आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन छात्रों का संघर्ष जारी रहेगा। इतना ही नही बल्कि खड़गे ने सोशल मीडिया पर फैल रहे गलत वीडियो और भ्रामक प्रचार को रोकने की बात कही, चाहे वह किसी भी पक्ष से आ रहा हो।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में शिक्षा माफिया और सरकार के बीच मिलीभगत है, जिसका प्रमाण उत्तराखंड में हुए पेपर लीक से मिलता है। निष्कर्ष के तौर पर, खड़गे ने साफ किया कि देश का युवा न तो तानाशाही बर्दाश्त करेगा और न ही यह देश नेपाल या जर्मनी जैसा बनेगा; वे अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे।
Mallikarjun Kharge Attacks: नीट पेपर लीक के मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा पलटवार किया है। खड़गे ने जोर देकर कहा कि अगर प्रधानमंत्री को इस गंभीर मुद्दे पर कुछ कहना है, तो उन्हें इसे संसद के पटल पर बोलना चाहिए, न कि वीडियो संदेश के माध्यम से। उन्होंने ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि केवल शिक्षा मंत्रालय के सचिवों को हटाने से काम नहीं चलेगा, जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री को बर्खास्त किया जाना चाहिए।
आपको बता दें कि उन्होंने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इंटरनेट बंदी और भ्रामक प्रचार के जरिए आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन छात्रों का संघर्ष जारी रहेगा। इतना ही नही बल्कि खड़गे ने सोशल मीडिया पर फैल रहे गलत वीडियो और भ्रामक प्रचार को रोकने की बात कही, चाहे वह किसी भी पक्ष से आ रहा हो।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में शिक्षा माफिया और सरकार के बीच मिलीभगत है, जिसका प्रमाण उत्तराखंड में हुए पेपर लीक से मिलता है। निष्कर्ष के तौर पर, खड़गे ने साफ किया कि देश का युवा न तो तानाशाही बर्दाश्त करेगा और न ही यह देश नेपाल या जर्मनी जैसा बनेगा; वे अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे।
