वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्रों का प्रदर्शन, कॉलेज प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप- VIDEO
Kashi Vidyapeeth Protest: वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में एमएसडब्ल्यू छात्रों ने विभाग पर पक्षपात, जातिवाद, परीक्षा और वाइवा में अनियमितता का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
- Written By: वंदना शर्मा
वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के एमएसडब्ल्यू छात्रों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन को दर्शाता है। छात्र अपने विभाग की मनमानी और प्रशासनिक समस्याओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि विभाग में जातिवाद और पक्षपात के आधार पर नंबर दिए जा रहे हैं। यहां तक कि मेहनती छात्रों को कम अंक मिल रहे हैं, जबकि कुछ प्रिय छात्रों को अधिक अंक दिए जा रहे हैं।
छात्रा पूजा सिंह ने बताया कि उन्होंने परीक्षा दी और अटेंडेंस भी लगाई, फिर भी उन्हें मिड-टर्म परीक्षा में अनुपस्थित दिखा दिया गया।बता दें कि छात्रों ने तो यह भी कहा है कि शिक्षा विभाग के शिक्षक और एचओडी उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं हैं। इतना ही नही बल्कि एक छात्रा ने कहा कि पारिवारिक आपातकाल के बावजूद उन्हें वाइवा के लिए कोई सहयोग या ऑनलाइन विकल्प नहीं दिया गया, जिससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
परीक्षा और वाइवा की तारीखों को लेकर भी अनिश्चितता बनी रहती है, जिससे छात्रों का करियर प्रभावित हो रहा है। छात्रों ने विभाग के गेट पर नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी दर्ज कराई और प्रशासन से सुधार की मांग की।
वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के एमएसडब्ल्यू छात्रों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन को दर्शाता है। छात्र अपने विभाग की मनमानी और प्रशासनिक समस्याओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि विभाग में जातिवाद और पक्षपात के आधार पर नंबर दिए जा रहे हैं। यहां तक कि मेहनती छात्रों को कम अंक मिल रहे हैं, जबकि कुछ प्रिय छात्रों को अधिक अंक दिए जा रहे हैं।
छात्रा पूजा सिंह ने बताया कि उन्होंने परीक्षा दी और अटेंडेंस भी लगाई, फिर भी उन्हें मिड-टर्म परीक्षा में अनुपस्थित दिखा दिया गया।बता दें कि छात्रों ने तो यह भी कहा है कि शिक्षा विभाग के शिक्षक और एचओडी उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं हैं। इतना ही नही बल्कि एक छात्रा ने कहा कि पारिवारिक आपातकाल के बावजूद उन्हें वाइवा के लिए कोई सहयोग या ऑनलाइन विकल्प नहीं दिया गया, जिससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
परीक्षा और वाइवा की तारीखों को लेकर भी अनिश्चितता बनी रहती है, जिससे छात्रों का करियर प्रभावित हो रहा है। छात्रों ने विभाग के गेट पर नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी दर्ज कराई और प्रशासन से सुधार की मांग की।
