वाराणसी में मांस-मछली बेचने वालों पर नगर निगम ने चलाया हंटर, सभी दुकानों पर लगा ताला, देखें VIDEO
Kashi Meat Shop Ban: वाराणसी में अब मांस-मछली की दुकानें नहीं दिखेंगी। नगर निगम ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। ये दुकानें शहर से बाहर शिफ्ट होंगी। इसके लिए जमीन भी चिन्हित कर ली गई है।
- Written By: अमन मौर्या
Varanasi Meat Shop Shifting: धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी (वाराणसी) में नगर निगम के मिनी सदन ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। मथुरा, वृंदावन, अयोध्या और हरिद्वार की तर्ज पर अब काशी क्षेत्र में भी मांस, मीट और मछली की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है और इन दुकानों को शहर से बाहर विस्थापित किया जाएगा। नगर निगम ने शहर के बाहरी इलाकों में पांच पॉइंट्स (रामनगर, सुजाबाद डुमरी, शिवपुर, चितईपुर और अवलेशपुर) चिन्हित किए हैं, जहां लगभग 500 आधुनिक दुकानें बनाकर दी जाएंगी।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि काशी में रोजाना लाखों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आते हैं, इसलिए उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं का सम्मान जरूरी है। हालांकि, इस फैसले को लेकर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मांग उठाई है कि मांस के साथ-साथ शराब और भांग की दुकानों को भी बाहर किया जाना चाहिए। नगर निगम ने आगामी छह महीने के भीतर इस पूरे विस्थापन कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
Varanasi Meat Shop Shifting: धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी (वाराणसी) में नगर निगम के मिनी सदन ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। मथुरा, वृंदावन, अयोध्या और हरिद्वार की तर्ज पर अब काशी क्षेत्र में भी मांस, मीट और मछली की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है और इन दुकानों को शहर से बाहर विस्थापित किया जाएगा। नगर निगम ने शहर के बाहरी इलाकों में पांच पॉइंट्स (रामनगर, सुजाबाद डुमरी, शिवपुर, चितईपुर और अवलेशपुर) चिन्हित किए हैं, जहां लगभग 500 आधुनिक दुकानें बनाकर दी जाएंगी।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि काशी में रोजाना लाखों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आते हैं, इसलिए उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं का सम्मान जरूरी है। हालांकि, इस फैसले को लेकर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मांग उठाई है कि मांस के साथ-साथ शराब और भांग की दुकानों को भी बाहर किया जाना चाहिए। नगर निगम ने आगामी छह महीने के भीतर इस पूरे विस्थापन कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
